अमेरा में ड्राइवर महासंगठन का जागरूकता शिविर, 25 अक्टूबर से ‘स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन’ की तैयारी तेज

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

October 7, 2025


अमेरा/बलौदाबाजार।
छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन द्वारा आगामी 25 अक्टूबर 2025 से पूरे राज्य में शुरू किए जाने वाले “स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन” को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। आंदोलन के प्रचार-प्रसार और जागरूकता बढ़ाने के लिए आज दिनांक 07 अक्टूबर 2025, मंगलवार को अमेरा हाईस्कूल के सामने, नगर सैनिक कार्यालय के पास एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में मुख्य रूप से ट्रक और मालवाहक वाहनों को रोककर उनके चालकों को आंदोलन की पूरी जानकारी दी गई और उन्हें ड्राइवर समाज की समस्याओं तथा आगामी हड़ताल के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही, चालकों और स्थानीय नागरिकों से सहयोग राशि एकत्रित की गई, जिसे महासंगठन ने आंदोलन की तैयारियों और प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई है।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन ड्राइवर समाज के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है। महासंगठन का कहना है कि दीपावली के उपरांत 25 अक्टूबर से यह आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से पूरे छत्तीसगढ़ में चलेगा, और इसका उद्देश्य ड्राइवरों के आर्थिक, सामाजिक और कानूनी हितों की सुरक्षा करना है।

संगठन ने कहा कि उड़ीसा सरकार ने अपने यहां ड्राइवरों की मांगों को मान्यता दी है, और अब छत्तीसगढ़ सरकार से भी इसी तरह की पहल की उम्मीद है। महासंगठन का यह भी कहना है कि यह आंदोलन केवल हड़ताल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना और ड्राइवर समाज के अधिकारों की रक्षा का संदेश भी देगा।

ड्राइवर महासंगठन की प्रमुख मांगों में संपूर्ण छत्तीसगढ़ में शराबबंदी लागू करना, ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन, ड्राइवर सुरक्षा आयोग का गठन, दुर्घटना में मृत्यु पर परिवार को 20 लाख रुपये तथा दुर्घटना में विकलांग होने पर 10 लाख रुपये का मुआवजा देने, 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करना, ड्राइवरों के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 10 प्रतिशत आरक्षण, ड्राइवर परिवारों के लिए हेल्थ कार्ड जारी करना और 55 वर्ष की आयु के बाद पेंशन सुविधा देना शामिल है।

आज आयोजित शिविर में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें जिला अध्यक्ष आर.के. वर्मा, महासचिव राजू निषाद, ब्लॉक अध्यक्ष बलौदाबाजार रविदास, मुन्नालाल, गणेशराम कोरी, खूबचंद वर्मा, कुलेश्वर साहू, कमलनारायण गायकवाड़, ओमप्रकाश चंदेल और शिवप्रसाद रात्रे शामिल थे। सभी ने आंदोलन के उद्देश्य और इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की और उपस्थित ड्राइवरों से संगठन की मांगों को समर्थन देने का आह्वान किया।

ब्लॉक अध्यक्ष रविदास ने संवाददाताओं से कहा, “हमारा उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं है, बल्कि ड्राइवर समाज के लिए सुरक्षा, सम्मान और भविष्य की गारंटी सुनिश्चित करना है। हम चाहते हैं कि हर ड्राइवर इस आंदोलन में अपनी भागीदारी निभाए। अब समय आ गया है कि ड्राइवर समाज एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़े। हर ड्राइवर को आगे आना है, आंदोलन को सफल बनाना है और घर बैठकर लंबी दिवाली मनानी है।”

महासचिव राजू निषाद ने कहा कि यह आंदोलन केवल आर्थिक मुआवजे या कानूनी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण ड्राइवर समाज में जागरूकता और एकता का प्रतीक होगा। उन्होंने आगे कहा कि “इस आंदोलन के माध्यम से हम राज्य सरकार और आम जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि ड्राइवर समाज की सुरक्षा और कल्याण केवल उनका हक है।”

संगठन ने शिविर में उपस्थित सभी ड्राइवरों और नागरिकों से अपील की कि वे आंदोलन को मजबूती प्रदान करें और भविष्य में ड्राइवर समाज के अधिकारों के लिए होने वाले किसी भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से हिस्सा लें।

सह संपादक

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4 thoughts on “अमेरा में ड्राइवर महासंगठन का जागरूकता शिविर, 25 अक्टूबर से ‘स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन’ की तैयारी तेज”

  1. Bahut hi jabardast stering chhodo aandolan bahut hi Sundar hai aur ismein Mal chalakon ka ismein bahut Sundar joro shoron se प्रचार-प्रसार ko dekhne Ko Mila Hai to बहुत-बहुत dhanyvad aur aise Apne niyam aur sharten ke anusar apna Adhikar ke roop mein aage badhate rahen dhanyvad

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