🌿 विद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण : बच्चों में उमंग और सीख का संगम

TEJASWI NATH SONI

October 26, 2025

महासमुंद, 26 अक्टूबर 2025।

शासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरबोड़ा के लिए शनिवार का दिन अत्यंत विशेष और यादगार रहा। विद्यालय परिवार द्वारा एक दिवसीय पिकनिक सह शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने मैत्री बाग भिलाई और रायपुर के विविध स्थलों का भ्रमण कर ज्ञान और आनंद का अनूठा संगम अनुभव किया।

 

यह भ्रमण संस्था प्रमुख हीरालाल साहू के नेतृत्व तथा विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति (SMC) के आग्रह पर आयोजित किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सभ्यता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को प्रबल करना था।

 

 

 

🏛️ पहला पड़ाव – जैन मंदिर कुम्हारी

 

भ्रमण का पहला पड़ाव जैन मंदिर कुम्हारी रहा, जहां बच्चों ने आध्यात्मिकता और शांति का अनुभव किया।

शिक्षक धर्मेन्द्रनाथ राणा ने जैन धर्म के तीर्थंकरों और उनके उपदेशों के बारे में जानकारी देते हुए कहा –

 

> “धर्म केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है।”

 

 

 

बच्चों ने इन बातों को ध्यानपूर्वक सुना और जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

 

 

 

🐘 दूसरा पड़ाव – मैत्री बाग भिलाई

 

जैन मंदिर दर्शन के उपरांत बच्चों ने स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया, जिसकी व्यवस्था भिलाई निवासी कमल भोई एवं श्रीमती सुरेखा भोई के परिवार ने स्नेहपूर्वक की। उनके आतिथ्य ने सभी का मन जीत लिया।

 

इसके बाद बच्चों ने मैत्री बाग भिलाई का भ्रमण किया, जहां उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से विभिन्न जंगली जानवरों को देखा।

शिक्षक महेश कुमार साहू, दिनेश कश्यप एवं धर्मेन्द्रनाथ राणा ने जानवरों के स्वभाव, आदतों और संरक्षण से जुड़ी जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि –

 

> “जंगलों और वन्यजीवों का संरक्षण मानव जीवन के लिए उतना ही आवश्यक है जितना हवा और पानी।”

 

 

 

 

 

🌳 प्रकृति के बीच सीखने का आनंद

 

मैत्री बाग की हरियाली और शांत वातावरण ने बच्चों के मन में प्रकृति प्रेम की भावना को और गहरा किया।

यह भ्रमण बच्चों के लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि पर्यावरण शिक्षा का जीवंत अनुभव भी रहा।

 

 

 

🙏 आभार और प्रेरणा के क्षण

 

इस यात्रा को सफल बनाने में विद्यालय परिवार के कई लोगों का योगदान रहा।

विशेष रूप से सेवानिवृत्त शिक्षक नलसाय सिदार का सहयोग उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने पूरे भ्रमण के लिए बस का खर्च वहन किया।

 

साथ ही कमल भोई और श्रीमती सुरेखा भोई ने भोजन और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी निभाई। उनके सेवा भाव की जितनी सराहना की जाए, वह कम है।

 

 

 

💃 सांस्कृतिक प्रस्तुति ने जीता दिल

 

भ्रमण का आकर्षण रहा बच्चों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी सुआ नृत्य।

मैत्री बाग के प्रवेश द्वार पर बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में यह नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और संस्कृति के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण बना।

 

 

 

👩‍🏫 पालक–शिक्षक–विद्यार्थी प्रतिक्रिया

 

शाला नायक कु. नीता भोई सहित कई छात्राओं ने बताया कि यह यात्रा उनके जीवन की अविस्मरणीय यादों में शामिल हो गई है।

SMC अध्यक्ष अभिमन्यु नौरोजी, जो पूरे समय बच्चों के साथ रहे, ने कहा –

 

> “कक्षा के बाहर भी जीवन की अनेक सीखें मिलती हैं। ऐसे भ्रमण बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।”

 

 

 

 

 

🎓 समापन और शुभकामनाएं

 

भ्रमण के अंत में सभी ने यात्रा की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया।

संस्था प्रमुख हीरालाल साहू ने कहा –

 

> “इस भ्रमण ने बच्चों में सीखने की जिज्ञासा और संस्कृति के प्रति सम्मान को और प्रगाढ़ किया है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।”

 

 

 

यह भ्रमण वास्तव में ‘सीख के साथ सैर’ का प्रेरणादायी उदाहरण साबित हुआ — जहाँ बच्चों ने न केवल आनंद पाया, बल्कि जीवन, प्रकृति और समाज के प्रति नई दृष्टि भी विकसित की।

सह संपादक

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