भारत निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)’ की शुरुआत की — छत्तीसगढ़ भी शामिल

TEJASWI NATH SONI

November 3, 2025

रायपुर, 3 नवंबर 2025

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जिनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है, में “विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR)” का दूसरा चरण औपचारिक रूप से शुरू हो गया है।

यह पहल सामान्य वार्षिक पुनरीक्षण से भिन्न एक जमीनी स्तर पर व्यापक सत्यापन प्रक्रिया है। पिछला SIR लगभग दो दशक पहले 2002 से 2004 के बीच आयोजित किया गया था।


🔍 SIR का उद्देश्य और प्रक्रिया

SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। इसके तहत —

  • मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे,

  • पलायन कर चुके या दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं के नाम रद्द होंगे,

  • और सभी नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे।

BLO (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर प्रगणना फॉर्म (Enumeration Form) भरवाएंगे। मतदाताओं को यह फॉर्म नियत अवधि में BLO को जमा करवाना होगा।

सत्यापन के दौरान मतदाता विवरण का मिलान 2002-2004 के SIR बेस रोल से किया जाएगा।


🗓️ SIR 2.0 का कार्यक्रम

चरण अवधि
वोटर लिस्ट फ्रीज़ 27 अक्टूबर 2025 (रात 12 बजे)
प्रशिक्षण एवं फॉर्म प्रिंटिंग 28 अक्टूबर – 3 नवंबर 2025
घर-घर गणना (BLO द्वारा) 4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025
प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशन 9 दिसंबर 2025
आपत्तियों की सुनवाई व सत्यापन 9 दिसंबर 2025 – 31 जनवरी 2026
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन 7 फरवरी 2026

🌍 वो राज्य जहाँ SIR प्रारंभ हुआ

उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, राजस्थान, केरल, गुजरात, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं, इसलिए यह पुनरीक्षण और भी अहम माना जा रहा है।


⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने इस अभियान को लेकर शंका जताई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि “यह मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं को हटाने की कोशिश” है।

वहीं निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है —

“SIR पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची की पवित्रता और लोकतांत्रिक विश्वसनीयता को सुनिश्चित करना है।”


🗳️ जनजागरूकता का महत्व

निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे BLO से संपर्क कर प्रगणना फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, और सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो।

“आपका वोट, आपका अधिकार है — जागरूक नागरिक बनें और लोकतंत्र को मज़बूत करें।”

‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अखंडता की नींव को मजबूत करने का प्रयास है। इस अभियान की सफलता नागरिकों, मीडिया और सभी राजनीतिक दलों की सतर्क भागीदारी पर निर्भर करेगी।

सह संपादक

Share this content:

Leave a Comment