कलेक्टर ने पीएम सूर्यघर बिजली योजना की जिले में प्रगति के सम्बन्ध में की समीक्षा लक्ष्य के विरुद्ध कम प्रगति पर की नाराजगी व्यक्त, ईई को नोटिस जारी करने के निर्देश

TEJASWI NATH SONI

October 22, 2025

आमजनो के साथ जनप्रतिनिधियों एवं शासकीय कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश

 

बलौदाबाजार, 22 सितम्बर 2025/

बलौदाबाजार कलेक्टर ने बुधवार को जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति के सबंध में सीएसपीडीसीएल एवं मुख्य नगरपलिका अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। उन्होंने जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम आवेदन एवं सोलर पैनल स्टालेशन पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और बलौदाबाजार, भाटापारा एवं कसडोल के कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

 

कलेक्टर ने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महत्वकांक्षी योजना है। अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने विभागीय अमले सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों के साथ चर्चा कर योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दें। इसके साथ ही जिन शासकीय अधिकारी – कर्मचारियों के निजी आवास है उन्हें योजना का लाभ लेने प्रोत्साहित करें। उन्होंने तीनों डिवीजन के कार्यपालन अभियंताओं को निर्देशित किया कि अगले 10 दिन में व्यापक प्रचार -प्रसार कर प्रगति लाएं तथा सभी नगरीय निकाय में वेंडरो की सूची उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही वेंडरो के कार्य पर कड़ी निगरानी रखें। लापरवाही करने पर कार्यवाही भी करें। उन्होंने डिवीजन अंतर्गत कम प्रगति वाले जेई के कार्य की समीक्षा कर निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश दिये।

 

बताया गया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत जिले को वर्ष 2024 -25 एवं 2025-26 हेतु 12000 का लक्ष्य मिला है जिसके विरुद्ध अब तक कुल 1782 आवेदन प्राप्त हुए हैं एवं 397 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इसमें विद्युत संभाग बलौदाबाजार के लिए 4081, भाटापारा के लिए 4415 एवं कसडोल के लिए 3504 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित है।

योजना के तहत उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा एक किलोवाट सोलर सिस्टम पर 30 हजार, दो किलोवाट पर 60 हजार तथा तीन किलोवाट से दस किलोवाट तक के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ शासन ने भी उपभोक्ताओं को अतिरिक्त 30 हजार रुपए की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इस प्रकार तीन किलोवाट तक के संयंत्र पर केंद्र की 78 हजार और राज्य की 30 हजार रुपए की दोहरी सब्सिडी उपलब्ध है।

योजना को और सुगम बनाने के लिए 20 से अधिक बैंक और वित्तीय संस्थान छह से सात प्रतिशत की ब्याज दर पर सोलर लोन भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके अंतर्गत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक वित्तपोषण संभव है।

सह संपादक

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