बिलाईगढ़ में पत्थर क्रेशरों के प्रदूषण पर विधानसभा में हंगामा: विधायक कविता प्राण लहरे ने सरकार को घेरा
रायपुर/बिलाईगढ़: बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में संचालित पत्थर क्रेशरों से उड़ने वाली धूल अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर राजनीतिक और जनस्वास्थ्य का मुद्दा बन गई है। क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न के जरिए इस समस्या को उठाते हुए सरकार से तीखे सवाल पूछे और जनता की सुरक्षा पर स्पष्टीकरण मांगा।
धूल से बेहाल गांव: स्वास्थ्य और सुरक्षा पर मंडराता खतरा
विधायक लहरे ने सदन को बताया कि बिलाईगढ़ मुख्यालय सहित दुम्हानी, गोविंदवन, बेलटीकरी और छपोरा जैसे गांवों में क्रेशरों से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों का सांस लेना दूषित हो गया है। उन्होंने इसके दो मुख्य पहलुओं पर सरकार का ध्यान खींचा:
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स्वास्थ्य संकट: उड़ती धूल के कारण ग्रामीणों में श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं।
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सड़क दुर्घटनाएं: क्रेशरों से निकलने वाले डस्ट और भारी वाहनों के कारण दृश्यता कम हो रही है, जिससे क्षेत्र में सड़क हादसों का जोखिम बढ़ गया है।
सदन में सरकार का जवाब
विधायक द्वारा पिछले तीन वर्षों में हुई कार्रवाई, पर्यावरणीय स्वीकृति और दंड के विवरण मांगे जाने पर सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी दी गई:
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पंजीकृत क्रेशर: क्षेत्र में कुल 11 क्रेशर उद्योगों को पर्यावरणीय सहमति प्राप्त है।
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निरीक्षण: पर्यावरण संरक्षण मंडल समय-समय पर इनकी जांच करता है।
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सुरक्षा मानक: सरकार ने बताया कि वॉटर स्प्रिंकलर (पानी का छिड़काव) और परिवहन के दौरान तिरपाल ढकने के निर्देश दिए गए हैं।
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शिकायतों पर स्थिति: सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य या पुलिस विभाग के पास इस संबंध में वर्तमान में कोई विशेष शिकायत दर्ज नहीं है।
विधायक की सक्रियता से ग्रामीणों में उम्मीद
भले ही शासन ने नियमित निगरानी का दावा किया हो, लेकिन विधायक कविता प्राण लहरे द्वारा इस मुद्दे को विधानसभा के पटल पर रखने से स्थानीय प्रशासन हरकत में आता दिख रहा है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि विधायक की इस संवेदनशीलता से अब दोषी क्रेशर संचालकों पर नकेल कसी जा सकेगी।
“जनता का स्वास्थ्य और पर्यावरण हमारी प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन कर लोगों की जान जोखिम में डालने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” – कविता प्राण लहरे, विधायक (बिलाईगढ़)