बलौदाबाजार, 20 फरवरी 2026। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देशन में पुलिस कम्युनिटी हॉल बलौदाबाजार में पूर्व में विभिन्न अपराधों में संलिप्त रहे किशोरों एवं विधि से संघर्षरत बालकों के पुनर्वास के लिए “ऑपरेशन परिवर्तन” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरों की अपराध में पुनः संलिप्तता रोकना तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के 43 किशोरों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया। “ऑपरेशन परिवर्तन” के तहत दंडात्मक और पुनर्वासात्मक दोनों दृष्टिकोण अपनाते हुए जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान, समय पर हस्तक्षेप, परामर्श, कौशल विकास एवं सामाजिक पुनर्स्थापना पर जोर दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भाटापारा श्री हेमसागर सिदार ने कहा कि यह पहल विधि से संघर्षरत बालकों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें मुख्यधारा में वापस जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, संस्कार एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट (स्वास्थ्य विभाग) मोनिंदर घृतलहरे ने किशोरों के साथ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संवाद करते हुए उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने, परिजनों का सहयोग करने, नशे से दूर रहने और समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
एसडीओपी बलौदाबाजार सुश्री अपूर्वा क्षत्रिय ने अपने संबोधन में कहा कि किशोर अच्छे कार्यों को अपनाएं, गलत संगत से दूर रहें और अपने व्यवहार में सुधार लाते हुए नई शुरुआत करें। उन्होंने योग, ध्यान और काउंसलिंग सत्र का लाभ उठाने की अपील की। जिला कल्याण काउंसलर ने भी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाश दास, किशोर न्याय बोर्ड की परिवीक्षा अधिकारी सुश्री मेघा शर्मा, काउंसलर टुकेश्वर जगत, समाज कल्याण विभाग से जिला काउंसलर डेविड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी थाना एवं चौकी के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि “ऑपरेशन परिवर्तन” के माध्यम से किशोरों को अपराध से दूर कर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।