अखिल भारतीय सतनामी महासभा का “सतनामी स्वाभिमान सम्मान शताब्दी समारोह दहलापोढ़ी में सम्पन्न  

SARJU PRASAD SAHU

April 13, 2026

दहलापोढ़ी अकलतरा। 12 अप्रैल 2026 अखिल भारतीय सतनामी महासभा द्वारा आयोजित सतनामी स्वाभिमान सम्मान शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन गुरु घासीदास बाबा के सातवें रावटी स्थल दहलापोढ़ी में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह शताब्दी यात्रा 19 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर जांजगीर-चांपा, शक्ति, डभरा बाघोद तथा पताड़ी धाम मेला के पश्चात अपने निर्धारित स्थल पर संपन्न हुई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजनंदिनी गुरु दीदी प्रियंका सुपुत्री जगत गुरु गोसाई विजय कुमार जी उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राजमहंत जे.पी. कोशले ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए राजमहंतों एवं जिला महंतों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह का शुभारंभ गुरु घासीदास बाबा की पूजा-अर्चना, आरती एवं पारंपरिक मंगल पंथी नृत्य के साथ किया गया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के प्रमुख श्री तेरस राम मिर्धा सहित प्रदेश के 12 जिलों से आए राजमहंतों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपने विचार व्यक्त किए।

समारोह के अध्यक्ष राजमहंत जे.पी. कोशले ने अपने विचारों में सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों तथा परंपरागत रीतिनीति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित और सशक्त बनाने का आह्वान किया।

वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में अखिल भारतीय सतनामी महासभा के संस्थापक जगत गुरु गोसाई अगमदास जी, रतिराम मालगुजार, राजमहंत अंजोरदास कोशले, नैन्दास महिलांग, अंजोर दास पाटले, रनसाय कोसरिया तथा जगतूराम सोनवानी के ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया।

विभिन्न जिलों से उपस्थित प्रमुख प्रतिनिधियों में बिलासपुर से राजमहंत दशेराम खांडे, राजेश्वर भार्गव, राजनारायण निराला; महासमुंद से राजमहंत प्यारेलाल कोसरिया, महंत छबिलाल रातरे; बलौदाबाजार से सी.आर. टंडन; शक्ति से सुंदर साय बंजारे, गंगाराम लहरें, गछराम; कोरबा से जे.पी. कोशले एवं रामचंद्र पाटले; सारंगढ़-बिलाईगढ़ से पी.के. ग्रीतलहरे; रायपुर से संत सारंग एवं टीकम सतनामी; जांजगीर से हृदय प्रकाश अनंत, धर्म खांडे, हरिप्रसाद खरे, जीवनलाल रत्नाकर, अमृतलाल अनंत, लखनलाल गिरितलहरे, कन्हैयालाल टंडन सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

महिला सहभागिता में संयोजिका कुंती जांगड़े, राजकुमारी डहरिया, रामकुमारी बघेल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त खरसिया के राकेश नारायण बंजारे सहित हजारों की संख्या में समाजसेवी, साहित्यकार एवं श्रद्धालुजन शामिल हुए।

मुख्य अतिथि गुरु दीदी प्रियंका ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता, अखंडता एवं संगठन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सतनाम संस्कृति और गुरु परंपरा को बनाए रखना समाज का प्रमुख दायित्व है। उन्होंने गुरु घासीदास बाबा के अमर संदेशों को आत्मसात करने तथा घर-घर जाकर समाज के सुख-दुख में सहभागी बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन राजमहंत राजेश्वर भार्गव एवं तेरस राम मिर्धा द्वारा किया गया। अंत में गुरु दीदी प्रियंका ने आयोजन समिति के माध्यम से सभी जिला महंत एवं राजमहंतों को सम्मान पत्र एवं परिचय पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

यह जानकारी राजमहंत प्यारेलाल कोसरिया, सतनाम पंथ तपोभूमि गिरौदपुरी धाम आगमधाम खंडवापुरी द्वारा प्रदान की गई। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण एवं संगठनात्मक सुदृढ़ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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