सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के लिए दोनों महान व्यक्तित्वों का योगदान सदैव रहेगा प्रेरणादायी
जांजगीर-चांपा। नवागढ़ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व सांसद स्व. रेशमलाल जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेवा की अग्रदूत ममतामयी मिनीमाता की पुण्यतिथि पर 11 अगस्त को नवागढ़ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजजनों एवं पदाधिकारियों ने दोनों महान विभूतियों के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज विकासखंड नवागढ़ एवं प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज जिला जांजगीर-चांपा के संयुक्त तत्वावधान में नगर पंचायत नवागढ़ स्थित प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज भवन में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डमरू प्रसाद मनहर रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय बहुजन कल्याण संघ के अध्यक्ष विभीषण पात्रे, जिला संरक्षक इतवारी खूंटे एवं कोषाध्यक्ष गुहाराम खूंटे उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष भूषण खटकर मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नवागढ़ विकासखंड अध्यक्ष चीनीलाल खूंटे ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता एवं ब्लॉक प्रवक्ता नवागढ़ शत्रुहन बंजारे ने किया।
संघर्ष और सेवा की मिसाल रहे रेशमलाल जांगड़े
कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. रेशमलाल जांगड़े के जीवन संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक, राजनीतिक और न्यायिक क्षेत्र तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ अधिवक्ता और जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया।
वक्ताओं ने कहा कि रेशमलाल जांगड़े का सार्वजनिक जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। उनके विचार और कार्य आज भी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते हैं।
मिनीमाता ने महिलाओं और वंचितों की आवाज को दी मजबूती
ममतामयी मिनीमाता के योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद होने के साथ-साथ समाज के वंचित, शोषित और जरूरतमंद वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने वाली जननेता थीं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और समानता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
वक्ताओं ने कहा कि मिनीमाता का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और जनसेवा की भावना का प्रतीक रहा है। उनके संघर्ष और योगदान को समाज हमेशा सम्मान के साथ याद करता रहेगा।
सामाजिक एकता और जनहित के लिए कार्य करने का संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्व. रेशमलाल जांगड़े और ममतामयी मिनीमाता किसी एक समाज तक सीमित महान व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनके संघर्ष, विचार और सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में दोनों महान विभूतियों के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। उपस्थित समाजजनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक एकता, शिक्षा, समानता और जनहित के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के ब्लॉक मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र बंजारे ने बताया कि श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डमरू प्रसाद मनहर, जिला अध्यक्ष भूषण खटकर, भारतीय बहुजन कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष गुहाराम खूंटे, जिला संरक्षक इतवारी खूंटे, नवागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष चीनीलाल खूंटे, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनिल खूंटे, उपाध्यक्ष गोविन्द बंजारे, सचिव रामेश्वर कठोतिया, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश बंजारे, अधिवक्ता अमित खूंटे, अधिवक्ता मोहन मधुकर, अर्जुन सरकार, धीरेन्द्र रत्नाकर, उपाध्यक्ष मदन मनहर, सुखसागर ओगरे, भूपेंद्र भारद्वाज सहित महिला प्रकोष्ठ ब्लॉक नवागढ़ की नर्मदा कोशले, उपाध्यक्ष सरोज खूंटे, पंकज बंजारे एवं अन्य सदस्य तथा समाजसेवी उपस्थित रहे।