महासमुंद/बसना। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत किए गए सर्वे में कथित अनियमितताओं और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से बाहर किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर बसना विधानसभा के कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे सर्वे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि चुनाव के दौरान हर गरीब परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का वादा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि गलत सर्वे और प्रशासनिक लापरवाही के कारण हजारों जरूरतमंद परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई गांवों में ऐसे परिवार हैं जो वर्षों से कच्चे मकानों में रह रहे हैं और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं, इसके बावजूद उन्हें पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया। वहीं, कुछ ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल होने का भी आरोप है जो योजना के वास्तविक पात्र नहीं हैं। उनके अनुसार इससे सर्वे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
मोक्ष कुमार प्रधान ने बताया कि ग्राम सभाओं में ग्रामीणों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई गईं, लेकिन उनकी शिकायतों का संतोषजनक निराकरण नहीं हुआ। उनका कहना है कि प्रभावित परिवार लगातार पंचायत और संबंधित सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, फिर भी उन्हें राहत नहीं मिल रही है।
उन्होंने सरकार पर विज्ञापनों के माध्यम से गरीबों के हितैषी होने का दावा करने, जबकि जमीनी स्तर पर जरूरतमंदों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई गरीब परिवार आज भी बारिश, गर्मी और ठंड के बीच कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
मोक्ष कुमार प्रधान ने मांग की कि पूरे सर्वे की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पात्र होते हुए अपात्र घोषित किए गए लोगों के नाम दोबारा सूची में जोड़े जाएं तथा ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की आपत्तियों का त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि गरीबों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी और जरूरतमंद परिवारों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में सर्वे प्रक्रिया को लेकर उठे आरोपों की निष्पक्ष जांच और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती माना जा रहा है।