पलारी जनपद पंचायत में 37 आवास मित्रों का मानदेय महीनों से अटका, बिना आदेश काम से अलग करने का आरोप; जनपद अध्यक्ष सविता भीम यादव से जल्द भुगतान कराने की मांग

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

March 10, 2026

सरकार की महत्वाकांक्षी आवास योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाने वाले आवास मित्र आज खुद अपने मानदेय के लिए भटकने को मजबूर हैं। जिले के पलारी जनपद पंचायत में कार्यरत 37 आवास मित्रों का मानदेय महीनों से लंबित है। परेशान आवास मित्रों ने इस मामले में जनपद पंचायत अध्यक्ष सविता भीम यादव को आवेदन सौंपकर जल्द भुगतान कराने की मांग की है।

आवास मित्रों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि फरवरी माह से उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के कार्य से अलग कर दिया गया, जबकि उनके द्वारा किए गए कार्य का मानदेय अब तक जारी नहीं किया गया है। आवास मित्रों का कहना है कि यह स्थिति उनके लिए आर्थिक संकट पैदा कर रही है, क्योंकि कई महीनों से मेहनत का भुगतान नहीं मिला है।

आवास मित्रों का आरोप है कि जिला पंचायत द्वारा लगभग एक माह पहले ही उनके मानदेय के भुगतान के लिए जनपद पंचायत पलारी को राशि आवंटित कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद 10 मार्च 2026 तक भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब राशि पहले से उपलब्ध है तो भुगतान में देरी क्यों हो रही है।

आवास मित्रों के अनुसार 10 मार्च को उन्हें मानदेय के संबंध में जनपद पंचायत कार्यालय बुलाया गया, जहां हितग्राहियों की सूची देकर उनसे हस्ताक्षर करवाकर जमा करने को कहा गया। साथ ही अधिकारियों द्वारा सिर्फ 150 आवासों का ही मानदेय देने की बात कही गई, जिसे आवास मित्रों ने सरासर अन्याय बताया है।

दरअसल पलारी जनपद पंचायत क्षेत्र में कुल 10,157 आवास स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 7,819 आवास आवास मित्रों की मेहनत से पूर्ण कराए जा चुके हैं। आवास मित्रों का कहना है कि प्रत्येक आवास मित्र ने औसतन 250 से अधिक आवासों का कार्य पूरा कराया है, ऐसे में केवल 150 आवासों का मानदेय देने की बात समझ से परे है।

आवास मित्रों ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का अंतिम माह चल रहा है। यदि हितग्राहियों से हस्ताक्षर लेने की प्रक्रिया में देरी होती है तो वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण उनका मानदेय फिर लंबित रह सकता है। इससे आवास मित्रों में चिंता बढ़ गई है।

आवास मित्रों का कहना है कि उन्होंने गांव-गांव जाकर हितग्राहियों को योजना की जानकारी दी, निर्माण कार्य की निगरानी की और समय पर आवास पूर्ण कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद यदि उन्हें उनके काम का भुगतान नहीं मिलता है तो यह उनके साथ अन्याय है।

इसी को लेकर 37 आवास मित्रों ने जनपद पंचायत अध्यक्ष सविता भीम यादव से हस्तक्षेप कर उनके लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है। आवास मित्रों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी विचार कर सकते हैं।

अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन और जनपद पंचायत क्या कदम उठाते हैं और आवास योजना को सफल बनाने वाले इन आवास मित्रों को उनका हक कब तक मिल पाता है।

सह संपादक

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