राजाड़ेरा समिति के पंजीकृत किसानों का आर-पार का ऐलान, भाजपा नेताओं ने भी दिया समर्थन, रातभर धरने की तैयारी।
महासमुन्द पिथौरा से शिखा दास की रिपोर्ट
पिथौरा | महासमुंद।
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति राजाड़ेरा के पंजीकृत किसान धान बिक्री से वंचित रहने के विरोध में अब निर्णायक संघर्ष के मूड में आ गए हैं। टोकन नहीं मिलने और खरीदी व्यवस्था की अनदेखी से नाराज़ किसानों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को करीब 60 से अधिक ट्रैक्टरों में धान लोड कर पिथौरा तहसील कार्यालय का घेराव किया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मेहनत से उपजी फसल की खरीदी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने कहा कि टोकन नहीं मिलने से धान नहीं बिक पा रहा है, ऐसे में कर्ज कैसे चुकाएं—यह सबसे बड़ी चिंता बन गई है।

आज ग्राम जम्हर, राजाड़ेरा सहित सात गांवों के किसान बड़ी संख्या में पिथौरा पहुंचे। किसानों ने अपने पूर्व ऐलान के अनुसार आंदोलन को अमलीजामा पहनाते हुए तहसील परिसर में धरना दिया।
इस महाआंदोलन को कृषक व भाजपा नेता सादराम पटेल और प्रेमशंकर पटेल का भी भरपूर समर्थन मिला। दोनों नेता आंदोलन का नेतृत्व करते नजर आए। सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं—कुछ लोगों ने चुटकी लेते हुए लिखा, “पहले किसान, बाद में पार्टी।” दोनों नेता हर फोटो और वीडियो में किसानों के साथ मौजूद दिखे।
तहसील परिसर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती रही, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक धान खरीदी का समाधान नहीं होगा, वे तहसील परिसर से नहीं हटेंगे।
इधर तेंदुकोना में भी किसान थाना के सामने धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हुए, वहीं पिथौरा तहसील परिसर में किसान अपनी व्यथा और पीड़ा लेकर डटे हुए हैं।
खबर लिखे जाने तक पिथौरा तहसील कार्यालय में धरनारत किसानों की समस्या का कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिख रहा है। किसानों ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील परिसर में ही भोजन बनाकर रातभर धरना देंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।