बेलगाम बोर उत्खनन से खाली हो रहा भूजल, गर्मी शुरू होते ही बलौदा बाजार में जल संकट गहराया

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

March 21, 2026

गर्मी की दस्तक के साथ ही बलौदा बाजार जिले में पानी का संकट गहराने लगा है। ग्रामीण ही नहीं, शहरी क्षेत्र के लोग भी पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। कई गांवों में हैंडपंप जवाब देने लगे हैं तो शहरों में भी पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि पेयजल के लिए लोगों को रोज जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

जलस्तर गिरने के पीछे खेती का बदलता तरीका भी एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। जानकारों का कहना है कि कई किसान वर्षा ऋतु में ली जाने वाली फसलों को गर्मी के मौसम में भी बो रहे हैं। धान, सब्जी और अन्य अधिक पानी वाली फसलें गर्मी में लेने से पानी की खपत कई गुना बढ़ जाती है। इन फसलों की सिंचाई के लिए लगातार बोर और पंप के जरिए भूजल का उपयोग किया जाता है, जिससे जमीन के अंदर का पानी तेजी से नीचे चला जाता है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में किसानों को ऐसी फसलों का चयन करना चाहिए जिनमें पानी की आवश्यकता कम हो, जैसे दालें, तिलहन या अन्य कम पानी वाली फसलें। इससे न केवल पानी की बचत होगी बल्कि भूजल स्तर को भी संतुलित रखने में मदद मिलेगी। किसान खेती से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, इसलिए खेती भी जरूरी है, लेकिन बदलते हालात को देखते हुए जल प्रबंधन और फसल चयन में सावधानी बेहद जरूरी हो गई है।

सबसे गंभीर और चिंताजनक पहलू जिले में धड़ल्ले से हो रहा बोर उत्खनन है। कई जगहों पर बोरिंग मशीनें दिन-रात जमीन चीर रही हैं और भूजल का अंधाधुंध दोहन जारी है। इस तरह की बेलगाम बोरिंग से भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है और आने वाले समय में पानी का संकट और गहरा होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।

एक तरफ प्रशासन जन चौपाल और विभिन्न अभियानों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण और जलसंचयन के लिए जागरूक कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम हो रहा बोर उत्खनन इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रहा है।

ऐसे में जरूरत है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर विशेष ध्यान केंद्रित करे। संबंधित विभागों को जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने, जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने और भूजल के अंधाधुंध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

बढ़ती गर्मी के साथ जल संकट की आहट ने जिले में चिंता बढ़ा दी है। यदि समय रहते प्रभावी पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बलौदा बाजार में पानी की समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।

सह संपादक

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