
लवन (डोंगरीडीह) परिक्षेत्र की अनुकरणीय पहल, हजारों श्रद्धालुओं को कराया गया प्रसाद वितरण
लवन । पावन तीर्थ में आयोजित त्रिदिवसीय मेले के अवसर पर गिरौदपुरी मेला परसादी सेवा दल, परिक्षेत्र लवन (डोंगरीडीह) एवं समस्त सतनामी समाज द्वारा निःशुल्क विशाल भोजन प्रसादी भंडारा का सफल आयोजन किया गया।
तीन दिनों तक निरंतर चले इस सेवा कार्य में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को श्रद्धा और सम्मान के साथ भोजन प्रसादी वितरित की गई। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर सेवा दल के इस पुनीत प्रयास की सराहना की।
सेवा भावना से साकार हुआ भंडारा
भोजन प्रसादी का यह आयोजन केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता, समरसता और मानव सेवा का जीवंत उदाहरण बना। आयोजन समिति एवं सेवा दल के सदस्यों ने पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ रसोई, वितरण एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाई।
स्वच्छता, गुणवत्ता और सुव्यवस्थित पंक्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक प्रसादी मिल सके।

आयोजन समिति के सक्रिय सदस्य
चंद्रप्रकाश बंजारे, महेश कुर्रे, मोहन डहरिया, गब्बर डहरिया, मनेस बंजारे, मुकेश कुर्रे, भुनेश्वर रात्रे, महादेव कोसले, काशीराम डहरिया, राकेश डहरिया, बोधराम चेलक, देवेश कुर्रे, रामधार डहरिया, दुलेश्वर घृतलहरे, हेमचंद डहरिया, संत कुमार निराला, कृष्ण डहरिया, रवि डहरिया, तोरन बंजारे, जुगुनू डहरिया, भागचंद मधुकर, ईश्वर प्रसाद बांधे, हेमंत घृतलहारे, रूपचंद मनहरे, योगेश निराला, राजा डहरिया, संतोष बंजारे, लखेपाल कुर्रे, नवदीप बांधे, बालक दास रात्रे, शिवचरण डहरिया, गोरेलाल, रामाकुर्रे, बिहारी डहरिया एवं समस्त परसादी सेवा दल लवन (डोंगरीडीह) परिक्षेत्र का उल्लेखनीय योगदान रहा।
मानव सेवा ही सच्ची भक्ति
इस त्रिदिवसीय आयोजन ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास और सेवा भावना से बड़े से बड़ा कार्य सफल बनाया जा सकता है। भोजन प्रसादी के माध्यम से समाज में सहयोग, भाईचारा और आध्यात्मिक एकता की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।