गरियाबंद में पहली बार टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए रोगी सहायता समूह बैठक आयोजित ।

MOTI LAL

December 18, 2025

गरियाबंद, 17 दिसंबर 2025

गरियाबंद जिले में टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए पहली बार रोगी सहायता समूह (Patient Support Group) की बैठक आयोजित की गई। यह महत्वपूर्ण पहल राज्य एनसीडी सेल, जिला स्वास्थ्य समिति गरियाबंद, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर के तकनीकी सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों एवं उनके परिजनों को सही चिकित्सकीय जानकारी प्रदान करना, भावनात्मक सहयोग देना तथा उपचार प्रबंधन और दैनिक देखभाल से जुड़ी व्यवहारिक जानकारियाँ साझा करना था। बैठक के दौरान विशेषज्ञों द्वारा टाइप-1 डायबिटीज के कारण, लक्षण, समय पर इंसुलिन लेने की आवश्यकता, बच्चों के संतुलित खानपान, स्कूल में देखभाल एवं रोजमर्रा के जीवन में बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने भी अपने अनुभव, चुनौतियाँ और सफलताएँ साझा कीं। इससे अन्य उपस्थित परिवारों में आत्मविश्वास बढ़ा और एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला। बच्चों और अभिभावकों के लिए संवाद आधारित चर्चा का आयोजन भी किया गया, जिससे उनकी शंकाओं का समाधान हुआ और उन्हें मानसिक संबल मिला।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि टाइप-1 डायबिटीज एक चुनौती अवश्य है, लेकिन यह किसी की जिंदगी को परिभाषित नहीं कर सकती। उन्होंने बच्चों और उनके परिजनों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे मजबूत हैं, सक्षम हैं और अपने सपनों को पूरा करने की पूरी क्षमता रखते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिवार, समाज और प्रशासन सभी उनके साथ हैं और मिलकर एक स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

भारत की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देश में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है और विशेषज्ञों के अनुसार भारत उन देशों में शामिल है जहाँ इस बीमारी के नए मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। जानकारी के अभाव, उपचार में अनियमितता और भावनात्मक दबाव के कारण कई बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गरियाबंद जिले में इस तरह की पहल बच्चों और परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित, जागरूक और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।

कार्यक्रम के दौरान मरीजों द्वारा साझा किए गए प्रेरणादायक अनुभवों और विशेषज्ञों द्वारा बताए गए सरल एवं व्यवहारिक समाधानों से बच्चों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली। कार्यक्रम के अंत में प्राप्त फीडबैक में अधिकांश परिवारों ने इस बैठक को अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में इसे नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। साथ ही, बैठक के दौरान मरीजों एवं उनके परिजनों की कई समस्याओं का समाधान भी किया गया।

यह रोगी सहायता समूह बैठक गरियाबंद जिले में बाल मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने और प्रभावित परिवारों के बीच एक मजबूत सपोर्ट नेटवर्क तैयार करने की दिशा में एक प्रभावशाली और आवश्यक पहल के रूप में सामने आई है।

इस बैठक में जिले के कुल 17 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे एवं उनके परिवारजन शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, उपाध्यक्ष श्रीमती लालिमा ठाकुर, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. वाय.के. ध्रुव, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत जांगड़े, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुश वर्मा, जिला नोडल सिकल सेल डॉ. सुनील कुमार रेड्डी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) श्री गणपत नायक तथा प्रभारी अस्पताल सलाहकार डॉ. शंकर लाल पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा की गई।

साथ ही यूनिसेफ से स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्वेताभ त्रिपाठी, एमसीसीआर से डॉ. डी. श्याम कुमार एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। यह बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरतन के मार्गदर्शन में तथा यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

प्रधान संपादक

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