कोरबा में कलिंगा कंपनी के मैनेजर विकास दुबे सहित तीन पर FIR, जातिसूचक गाली-गलौज और मारपीट का आरोप

TEKRAM KOSLE

March 14, 2026

रिपोर्टर टेकराम कोसले

कोरबा, सुघर गांव | जावेद अली आज़ाद (ब्यूरो प्रमुख)
कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (SECL) दीपका माइंस से जुड़ी आउटसोर्सिंग कंपनी कलिंगा के मैनेजर विकास दुबे सहित तीन लोगों के खिलाफ गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि कंपनी के मैनेजर और कर्मचारियों ने दो युवकों के साथ जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और धक्का-मुक्की की।
हरदीबाजार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मैनेजर विकास दुबे, कर्मचारी रामप्रताप पटेल और रवि सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
पीड़ितों ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में शिकायतकर्ता दीपक सिंह कंवर (पिता स्व. महावीर सिंह कंवर) और मुकेश कुमार (पिता तेरसराम चैतन्य) हैं। दोनों ग्राम हरदीबाजार, तहसील व थाना हरदीबाजार, जिला कोरबा के निवासी हैं और अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं।
शिकायत में बताया गया कि हरदीबाजार क्षेत्र एसईसीएल दीपका परियोजना से अधिग्रहित क्षेत्र है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोनों युवक वैकल्पिक रोजगार की तलाश में एसईसीएल गेवरा परियोजना स्थित केसीसी कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे।
नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप
पीड़ित मुकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि कंपनी के चपरासी रामप्रताप पटेल ने उसे ड्राइवर की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए उससे 70 हजार रुपये भी लिए गए थे।
एक माह बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर जब ट्रायल लिया गया तो उसे असफल बता दिया गया। मुकेश का आरोप है कि ट्रायल में भी कंपनी के कर्मचारियों के कहने पर उसे जानबूझकर फेल कर दिया गया।
कार्यालय में घुसने पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की
शिकायत के अनुसार 25 फरवरी 2026 को मुकेश कुमार और दीपक सिंह कंवर मामले की जानकारी लेने कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे।
इस दौरान आरोप है कि मैनेजर विकास दुबे और चपरासी रामप्रताप पटेल ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से गाली देते हुए अपमानित किया और कर्मचारियों से डंडे मारकर बाहर निकालने की बात कही। इसके बाद दोनों के साथ धक्का-मुक्की कर उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया।
पीड़ितों का यह भी आरोप है कि दीपक सिंह कंवर, जो कंपनी में ड्राइवर के रूप में कार्यरत था, उसे भी बिना कारण नौकरी से निकाल दिया गया और दोबारा काम नहीं दिया जा रहा है।
स्थानीय बेरोजगारों के साथ अन्याय का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि हरदीबाजार क्षेत्र एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित गांवों में आता है, जहां प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक रोजगार देने का प्रावधान है।
इसके बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके साथ भेदभाव और दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जिससे अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के गरीब परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
हरदीबाजार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (2023) की धाराएं 296, 115(2), 118(2), 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989, संशोधन 2015 की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया है।
पहले भी कंपनी के खिलाफ उठ चुके हैं सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार कलिंगा कंपनी और उसके प्रबंधन के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आती रही हैं। हाल ही में कंपनी के मैनेजर विकास दुबे के खिलाफ क्षेत्र में उग्र आंदोलन भी किया गया था।
अब जातिसूचक गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

सह संपादक

Share this content:

Leave a Comment