लवन । बलौदाबाजार आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, बलौदाबाजार के तत्वावधान में शनिवार को नगर पंचायत लवन के बस स्टैंड परिसर में अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर छुआछूत, जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के विरुद्ध एक सशक्त सामाजिक संदेश के रूप में उभरा। शिविर ने समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर समरसता, भाईचारे और मानवीय गरिमा का संदेश दिया।
छुआछूत के विरुद्ध एकजुटता का आह्वान
कार्यक्रम का उद्देश्य छुआछूत जैसी अमानवीय प्रथा के उन्मूलन, सामाजिक सौहार्द के सुदृढ़ीकरण तथा जाति–वर्ग से ऊपर उठकर समानता की भावना को सशक्त करना रहा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अस्पृश्यता न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि मानवाधिकारों का उल्लंघन भी है, जिसके उन्मूलन की जिम्मेदारी सामूहिक है।
संवैधानिक मूल्यों पर संवाद और कानूनी जागरूकता
अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सामाजिक समानता, संवैधानिक मूल्यों और समरस समाज की आवश्यकता पर विचार रखे। गुरु घासीदास के संदेश “मनखे-मनखे एक समान”, डॉ. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों और महात्मा गांधी के अस्पृश्यता-विरोधी आंदोलनों का स्मरण किया गया।
शिविर में संविधान के अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का उन्मूलन तथा सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की जानकारी सरल भाषा में दी गई। विभागीय अधिकारियों ने छात्रवृत्ति, छात्रावास, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा, अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन तथा एससी–एसटी अधिनियम अंतर्गत राहत प्रावधानों की विस्तृत जानकारी साझा की।
लोकसंस्कृति के माध्यम से समानता का संदेश
छात्रावासों एवं स्कूली बच्चों द्वारा पंथी, सुवा, कर्मा और ददरिया जैसे लोकनृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। संदेशप्रद चित्रकला व रंगोलियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। संत रैदास का दोहा—
“जन्म जात मत पूछिए, का जात और पात।
रैदास पूत सम प्रभु के, कोई नहीं जात कुजात।”
को रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत कर गहन चिंतन का संदेश दिया गया।
अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों का सम्मान
कार्यक्रम में सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। ग्राम छड़िया के आसकरण बघेल–राधिका चंद्राकर, कसडोल के छबिलाल नायक–सुनीता रात्रे, ग्राम खैदा के रजन सतनामी–सविता साहू तथा बृजेश कुमार बंजारे–सुनीता साहू को मंच पर सम्मानित किया गया। इन दंपतियों को समानता, प्रेम और समरसता की प्रेरक मिसाल बताया गया।
उपस्थित गणमान्यजन
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष शिवमंगल सिंह चौहान, भूतपूर्व नगर अध्यक्ष डेरहा डहरिया, उपाध्यक्ष देवीलाल बारवे, भाजपा युवा नेता प्रशांत यादव, पार्षद हरा बारवे, मुकेश कुर्रे, वरिष्ठ पारस रजक, प्राचार्य कमलनारायण गायकवाड़, सहायक आयुक्त सूरजदास मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली बच्चे और नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों का शाल, श्रीफल व प्रतीक चिन्ह से सम्मान तथा प्रतिभागी बच्चों का पुरस्कार वितरण किया गया।
निष्कर्ष
लवन में आयोजित यह सद्भावना शिविर सामाजिक बदलाव की दिशा में एक ठोस कदम साबित हुआ, जिसने व्यवहारिक स्तर पर समानता, न्याय और समरसता के मूल्यों को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।