कसडोल। 07 फरवरी 2026 ग्राम छेछर में शाला विदाई कार्यक्रम के दौरान सड़क मार्ग एवं स्कूल परिसर में यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए ट्रैक्टर और ईको कार से खतरनाक स्टंट करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 08 अनावेदकों पर सख्त कदम उठाए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 06 फरवरी 2026 को वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि ग्राम छेछर स्थित स्कूल के कुछ छात्र शाला विदाई समारोह के दौरान चलते ट्रैक्टर एवं ईको कार में खतरनाक तरीके से स्टंट कर रहे थे। इस दौरान वाहनों में अवयस्क छात्र भी सवार थे, जिससे उनकी जान के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी गंभीर खतरे में पड़ गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे अनावेदकों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश थाना प्रभारी कसडोल को दिए। निर्देशों के पालन में थाना कसडोल पुलिस ने दिनांक 07 फरवरी 2026 को वायरल वीडियो एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर पहचान करते हुए 02 वाहन चालकों एवं 06 अवयस्क बालकों सहित कुल 08 लोगों को पकड़ा।
पुलिस पूछताछ में सभी आरोपियों ने ट्रैक्टर एवं ईको कार में सवार होकर खतरनाक स्टंट करना स्वीकार किया। इसके पश्चात ग्राम छेछर के सरपंच एवं पंचों की उपस्थिति में सभी 06 अवयस्क बालकों के परिजनों को थाना कसडोल बुलाया गया, जहां उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई तथा भविष्य में इस प्रकार की हरकत दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दी गई। परिजनों द्वारा भी अपने बच्चों की निगरानी रखने का आश्वासन दिया गया।
पुलिस द्वारा प्रकरण में प्रयुक्त 01 ट्रैक्टर एवं 01 ईको कार को जप्त कर लिया गया है। वहीं वाहन चालकों के विरुद्ध लापरवाहीपूर्वक एवं खतरनाक तरीके से वाहन चालन करने के आरोप में कुल 02 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत भी विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
अनावेदक वाहन चालकों के नाम
अमरनाथ पटेल, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम छेछर, थाना सिटी कोतवाली
आदित्य कुमार कश्यप, उम्र 19 वर्ष, निवासी भदरा, थाना कसडोल
अंत में जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने विशेष रूप से युवा वर्ग से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के गैरकानूनी या खतरनाक स्टंट में शामिल न हों। इस तरह की गतिविधियां न केवल स्वयं के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। पुलिस ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों की नियमित निगरानी करें, उन्हें अच्छे-बुरे की समझ दें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सके।