
रिपोर्टर टेकराम कोसले
महासमुंद/बसना।
बसना अंचल की स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना में सिजेरियन (ऑपरेशन द्वारा) प्रसव सुविधा की सफल शुरुआत कर दी गई है। यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। अब जटिल एवं आपातकालीन प्रसव की स्थिति में महिलाओं को महासमुंद, रायपुर या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़ेगा।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार के निर्देशन और सतत निगरानी में इस सेवा को प्रारंभ किया गया। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कीं।
👨⚕️ डॉ. नारायण साहू के नेतृत्व में मिली सफलता
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण साहू के कुशल नेतृत्व, नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी टीमवर्क के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप सिजेरियन प्रसव सेवा सफलतापूर्वक शुरू की जा सकी।
इस दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे, डॉ. ज्योति साहू, डॉ. छत्रपाल चंद्राकर एवं आरएमएनसीएचए सलाहकार संदीप चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहे और सतत मॉनिटरिंग करते रहे।
इस उपलब्धि में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिलाषा गौतम, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दयानंद होता, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राहुल कश्यप (अग्रवाल नर्सिंग होम बसना), नर्सिंग स्टाफ रैना रागनी एवं आकांक्षा इक्का तथा विकासखंड कार्य प्रबंधक डोलचंद नायक का विशेष योगदान रहा। पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों से पहला सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
👶 पहला सफल सिजेरियन प्रसव
ग्राम भूकेल निवासी गंगा पटेल (27 वर्ष), पति रविन्द्र पटेल, जिनकी संभावित प्रसव तिथि 9 मार्च 2026 थी, उनका सुरक्षित सिजेरियन प्रसव 20 मार्च 2026 को दोपहर 2:08 बजे कराया गया। नवजात शिशु का वजन 3 किलो 410 ग्राम है। वर्तमान में मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की सतत निगरानी में हैं।
🗣️ अधिकारियों के बयान
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा—
“बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन प्रसव सुविधा की शुरुआत क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण महिलाओं को समय पर सुरक्षित उपचार मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा। हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक सुलभ हों।”
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा—
“इस सुविधा के शुरू होने से जिले की मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी। जटिल प्रसव मामलों में अब त्वरित उपचार संभव होगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।”
✅ प्रमुख लाभ
आपातकालीन प्रसव मामलों में तुरंत इलाज संभव
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी
गरीब एवं ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक व मानसिक राहत
फिलहाल यह सुविधा पूर्व नियोजित (प्लान्ड) प्रसव के लिए शुरू की गई है। जल्द ही इसका विस्तार सभी प्रकार के प्रसव के लिए किया जाएगा, ताकि सेवा और अधिक प्रभावी एवं सुरक्षित रूप से संचालित हो सके।