बजट सत्र: बिलाईगढ़ में साइंस पार्क और डिजिटल कनेक्टिविटी के मुद्दे पर सरकार से तीखे सवाल
रायपुर | 26 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बिलाईगढ़ विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने क्षेत्रीय उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक संसाधनों की कमी और सोनाखान जैसे ऐतिहासिक क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी की अनुपलब्धता पर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
प्रमुख बिंदु: सदन में हुई चर्चा
- साइंस पार्क पर ‘शून्य’ प्रस्ताव: विधायक लहरे ने बिलाईगढ़ और सरसींवा के स्कूलों/महाविद्यालयों में ‘मिनी साइंस सेंटर’ या ‘साइंस पार्क’ की स्थापना की मांग की। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रदेश स्तरीय योजनाओं की सूची तो गिनाई, लेकिन स्वीकार किया कि बिलाईगढ़ के लिए फिलहाल कोई विशेष प्रस्ताव नहीं है।
- सोनाखान में डिजिटल अंधकार: दूरस्थ वनांचल क्षेत्र सोनाखान में इंटरनेट की समस्या उठाते हुए जब सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र खोलने पर सवाल किया गया, तो विभाग का उत्तर “जानकारी निरंक है” रहा।
- छात्रों के भविष्य पर चिंता: विधायक ने तर्क दिया कि संसाधनों के अभाव में ग्रामीण छात्र तकनीकी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं।
सदन में सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री (गृह) श्री विजय शर्मा ने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि विभाग द्वारा निम्नलिखित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं:
- मोबाइल साइंस लैब और प्लैनेटेरियम।
- लघु शोध परियोजनाएं और विज्ञान मेले।
- राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस और सामुदायिक विज्ञान क्लब।
हालांकि, इन योजनाओं का लाभ बिलाईगढ़ को कब और कैसे मिलेगा, इस पर कोई समय सीमा स्पष्ट नहीं की गई।
विधायक का कड़ा रुख
जवाब से असंतुष्ट विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने कहा:
”विज्ञान और डिजिटल साक्षरता आज की अनिवार्य आवश्यकता है। यदि सोनाखान और बिलाईगढ़ जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो यहाँ के युवाओं का भविष्य अंधकारमय होगा। सरकार को अविलंब इन क्षेत्रों के लिए प्रस्ताव तैयार करना चाहिए।”
निष्कर्ष
बजट सत्र के चौथे दिन बिलाईगढ़ के इन मुद्दों ने क्षेत्रीय असमानता की बहस को फिर से गरमा दिया है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस हस्तक्षेप के बाद बिलाईगढ़ और सोनाखान के लिए विशेष बजटीय प्रावधान या योजनाओं की घोषणा करती है।