खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम: बलौदाबाजार में सरसों-अलसी-सूरजमुखी पर विशेष जोर

SARJU PRASAD SAHU

December 23, 2025

बलौदाबाजार । 23 दिसंबर 2025. भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देकर देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसका मकसद आयात पर निर्भरता घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है। 2024-25 से 2030-31 तक चलने वाली इस योजना में तिलहन उत्पादन को 39 मिलियन टन से बढ़ाकर 69.7 मिलियन टन और पाम ऑयल को 2025-26 तक 11.20 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसमें मूंगफली, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी और पाम जैसे तिलहन प्रमुख हैं।उप संचालक कृषि दीपक नायक ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सरसों पर 800 हेक्टेयर, अलसी पर 40 हेक्टेयर और सूरजमुखी पर 60 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 900 हेक्टेयर में फसल प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। जिले की कृषक उत्पादन संगठन- किसान कल्याण उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित बलौदाबाजार को व्हीसीपी के रूप में चुना गया है। यहां बीज वितरण और किसान प्रशिक्षण का काम कृषि विज्ञान केंद्र, भाटापारा के जरिए हो रहा है।कृषि वैज्ञानिक किसानों को मिट्टी परीक्षण से लेकर फसल उत्पादन तक की सलाह दे रहे हैं। विभाग के मैदानी अधिकारी भारत सरकार के पोर्टल कृषि मैपर पर किसानों का डेटा दर्ज कर रहे हैं। साथ ही, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फसल गिरदावरी में फसलों की एंट्री अनिवार्य करने की जानकारी भी दी जा रही है।योजना का मुख्य लक्ष्य खाद्य तेलों में 57 प्रतिशत आयात पर निर्भरता खत्म करना है। तिलहन और पाम ऑयल के उत्पादन-उत्पादकता में इजाफा करना, किसानों की आय बढ़ाना और विदेशी मुद्रा बचाना प्रमुख उद्देश्य हैं। इससे जिले के किसान नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे।

सह संपादक

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