जांजगीर-चांपा। नवागढ़ में रेत से भरे दो ट्रैक्टरों को पकड़े जाने के बाद कथित तौर पर बिना स्पष्ट वैधानिक कार्रवाई के छोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
थाना परिसर में रखे गए थे दोनों ट्रैक्टर
संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को रेत से लदे दोनों ट्रैक्टरों को आगामी कार्रवाई के लिए थाना परिसर नवागढ़ में रखा गया था। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिए जाने की जानकारी सामने आई। इस मामले में भीम रेजिमेंट ने पूरे घटनाक्रम की जांच कर ट्रैक्टरों को छोड़े जाने की परिस्थितियों और अपनाई गई प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की है।
रोज़नामचा और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
भीम रेजिमेंट ने ज्ञापन में थाना रोज़नामचा, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्षता से जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की बात कही है।
संगठन का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर
भीम रेजिमेंट ने कहा कि मामले में किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले निष्पक्ष जांच के माध्यम से तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। संगठन ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कानून का निष्पक्ष एवं समान रूप से पालन किए जाने पर जोर दिया।
ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रत्नाकर, प्रदेश संरक्षक दिलीप कश्यप, जिला अध्यक्ष जशवेन्द्र खूंटे, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष शिवराज सायतोण्डे, जिला उपाध्यक्ष मनीष कर्ष, पंकज खूंटे, अतुल कोसले सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
फिलहाल, ज्ञापन में उठाए गए सवालों और आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


