एक कॉल आया और अनजान मां की जिंदगी की उम्मीद बन गए राजकुमार अग्रवाल, 12वीं बार किया रक्तदान

SARJU SAHU

September 15, 2026

बसना। एक फोन कॉल… सामने से सिर्फ इतनी जानकारी मिली कि एक गर्भवती महिला को तत्काल रक्त की जरूरत है। न पहचान पूछी, न परिवार के बारे में जानने की कोशिश की और न ही किसी परिचय का इंतजार किया। जिंदगी बचाने की जरूरत की खबर मिलते ही पत्रकार राजकुमार अग्रवाल रक्तदान के लिए पहुंच गए। 13 सितंबर 2026 को उन्होंने 12वीं बार रक्तदान कर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।

बताया गया कि एक गर्भवती महिला को रक्त की सख्त आवश्यकता थी। ऐसे समय में जब परिवार तत्काल रक्तदाता की तलाश में परेशान था, राजकुमार अग्रवाल को इसकी जानकारी फोन के माध्यम से मिली। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना किसी संकोच के रक्तदान करने का निर्णय लिया और अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। उनका रक्त जरूरतमंद गर्भवती महिला के लिए जीवनदायी साबित हुआ।

राजकुमार अग्रवाल का यह रक्तदान इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने रक्तदान से पहले यह जानने की कोशिश नहीं की कि जरूरतमंद महिला कौन है, किस परिवार से है या उनका उनसे कोई परिचय है या नहीं। उनके लिए केवल इतना मायने रखता था कि एक जिंदगी को रक्त की जरूरत है और उस जरूरत को पूरा करने में वे अपना योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि रक्तदान व्यक्ति की पहचान देखकर नहीं, बल्कि जरूरत देखकर किया जाना चाहिए। हमारा छोटा सा प्रयास किसी मां की जिंदगी बचा सकता है, किसी बच्चे को अपनी मां का प्यार मिल सकता है और किसी परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट सकती है।

13 सितंबर को किया गया रक्तदान राजकुमार अग्रवाल का 12वां रक्तदान रहा। लगातार रक्तदान के माध्यम से वे समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश दे रहे हैं। उनका कहना है कि रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं होता और जरूरत के समय इसकी उपलब्धता पूरी तरह स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर करती है। ऐसे में स्वस्थ और सक्षम लोगों को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।

आज जब किसी मरीज को अचानक रक्त की जरूरत पड़ती है तो परिजन रक्तदाता की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता किसी फरिश्ते से कम नहीं होते। राजकुमार अग्रवाल का 12वीं बार रक्तदान इसी भावना को मजबूत करता है कि रक्तदान महज दान नहीं, बल्कि मानवता के प्रति जिम्मेदारी है।

उनका यह प्रयास समाज को एक सरल लेकिन बेहद महत्वपूर्ण संदेश देता है—कौन है, कहां से है, अपना है या अनजान, यह सवाल बाद में; पहले जिंदगी बचाना जरूरी है।

जरूरतमंदों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यही मानवता की सच्ची पहचान है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

Share this content:

Leave a Comment