जगदलपुर में ऐतिहासिक रैली कर ज्ञापन सौपने के बाद माँ दन्तेश्वरी माई के दरबार मे माथा टेकेंगे प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण चरण पटेल

SARJU SAHU

September 9, 2026

जगदलपुर में राजस्व ग्राम पटेल संघ की ऐतिहासिक रैली, महाराजा कमलचंद्र भंजदेव को दशहरा रथ में सम्मान देने की मांग

जगदलपुर। राजस्व ग्राम पटेल संघ छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में बस्तर की पारंपरिक शाही दशहरा परंपरा में महाराजा कमलचंद्र भंजदेव और महारानी को ससम्मान रथारूढ़ किए जाने की मांग को लेकर जगदलपुर में ऐतिहासिक रैली निकाली गई। महासचिव सोमनाथ गुप्ता और प्रदेश प्रवक्ता एवं बलौदाबाजार जिलाध्यक्ष कृष्ण चरण पटेल के नेतृत्व में पहुंचे संगठन के पदाधिकारियों और ग्राम पटेलों का जगदलपुर बस स्टैंड पर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद संगठन ने शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालकर कलेक्टर परिसर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

बस स्टैंड पर हुआ भव्य स्वागत

राजस्व ग्राम पटेल संघ की प्रादेशिक बैठक और आगामी पटेल महासभा की तैयारियों की समीक्षा के लिए महासचिव सोमनाथ गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण चरण पटेल और संभागीय पदाधिकारी जगदलपुर पहुंचे। संभागीय अध्यक्ष अनंत राम कश्यप की अध्यक्षता में पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें सभा स्थल तक सम्मानपूर्वक पहुंचाया।

जगदलपुर में बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्राम पटेलों ने पदाधिकारियों का जोशीला स्वागत किया। इस दौरान मां दंतेश्वरी के जयकारों से माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण नजर आया।

महाराजा कमलचंद्र भंजदेव को रथारूढ़ करने की मांग

सभा को संबोधित करते हुए महासचिव सोमनाथ गुप्ता ने कहा कि आज का दिन बस्तर के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि बस्तर की रूढ़िवादी और पारंपरिक शाही दशहरा व्यवस्था में महाराजा कमलचंद्र भंजदेव को महारानी के साथ रथारूढ़ नहीं किया जाना उनके अधिकारों का हनन है। राजस्व ग्राम पटेल संघ अब महाराजा को उनकी परंपरागत ‘रथपति’ उपाधि के अनुरूप रथारूढ़ कराने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।

प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण चरण पटेल ने महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव के प्रजा के प्रति प्रेम और बलिदान को याद करते हुए कहा कि बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं और राजपरिवार से जुड़े सम्मान को कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में महाराजा कमलचंद्र भंजदेव को अविवाहित होने के आधार पर रथारूढ़ होने से वंचित किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन वर्तमान में महाराजा विवाहित हैं। ऐसे में उन्हें रथपति की पदवी से वंचित रखना संगठन स्वीकार नहीं करेगा।

दशहरा चाट से कलेक्टर परिसर तक निकली रैली

संगठन की बैठक पुराने तहसील परिसर में आयोजित की गई। इसके बाद पुलिस विभाग की फॉलो गाड़ी और समुचित सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी पटेलों ने शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाली। रैली दशहरा चाट से संजय मार्केट, कांग्रेस चौक, कृष्णा पेट्रोल पंप चौक और मितालिन चौक होते हुए कलेक्टर परिसर पहुंची। यहां संगठन की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया।

कृष्ण चरण पटेल ने बताया कि गत वर्ष प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद संगठन ने 19 अगस्त 2026 को ज्ञापन सौंपकर बस्तर की पारंपरिक शाही दशहरा में महाराजा कमलचंद्र भंजदेव और महारानी को उनकी कुलदेवी मां दंतेश्वरी के साथ ससम्मान रथ में बैठाने तथा पटेल महासभा में महाराजा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की मांग रखी थी। संगठन के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पटेल महासभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार किया है।

राजमहल पहुंचकर महाराजा से की मुलाकात

कलेक्टर को शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपने के बाद शाम करीब 7 बजे संगठन के पदाधिकारी राजमहल पहुंचे और महाराजा कमलचंद्र भंजदेव से मुलाकात की। पदाधिकारियों ने उन्हें दिनभर हुए कार्यक्रम की जानकारी दी तथा आगामी पारंपरिक दशहरा में महारानी के साथ ससम्मान रथ पर विराजमान होने का आग्रह किया।

संगठन के अनुसार महाराजा ने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें और महारानी को ससम्मान रथ में बैठने की अनुमति प्रदान करता है तो वे पटेल समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए रथ पर बैठेंगे। उन्होंने राजस्व ग्राम पटेल संघ के पदाधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए संगठन को शुभकामनाएं दीं।

महाराजा ने पटेल महासभा के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से फोन पर चर्चा करने का प्रयास भी किया, लेकिन मुख्यमंत्री विशेष बैठक में व्यस्त होने के कारण बातचीत नहीं हो सकी। महाराजा ने जल्द ही मुख्यमंत्री से चर्चा कर संभावित तिथि साझा करने का आश्वासन दिया।

मां दंतेश्वरी के दरबार में टेका माथा

रात्रि विश्राम के बाद महासचिव सोमनाथ गुप्ता और प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण चरण पटेल ने सुबह दंतेवाड़ा पहुंचकर मां दंतेश्वरी के गर्भगृह में दर्शन-पूजन किया। दोनों पदाधिकारियों ने संगठन के इस ऐतिहासिक अभियान की सफलता और पटेल महासभा के सफल आयोजन की कामना की।

पदाधिकारियों ने अपने पांच दिवसीय बस्तर दौरे को मां दंतेश्वरी के चरणों में समर्पित करते हुए 9 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान किया। उनके 10 सितंबर को अंबिकापुर पहुंचने की जानकारी दी गई है।

17 हजार ग्राम पटेलों के महासभा में जुटने की तैयारी

महासचिव सोमनाथ गुप्ता के बस्तर दौरे को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। संगठन की तहसीलवार बैठकें लगातार जारी हैं। राजस्व ग्राम पटेल संघ के अनुसार प्रदेश में लगभग 17 हजार ग्राम पटेल संगठन से जुड़े हैं और बस्तर में प्रस्तावित पटेल महासभा में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं।

संगठन ने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद महासभा की तिथि निर्धारित होने पर विभिन्न मांगों और मुद्दों को मजबूती से सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

राजस्व ग्राम पटेल संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि संगठन की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी चरण में आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। संगठन ने क्रमिक भूख हड़ताल सहित उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

फिलहाल संगठन ने ऐतिहासिक ज्ञापन रैली को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग के लिए जिला प्रशासन, कलेक्टर और पुलिस प्रशासन सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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