रायपुर में राज्य खेल अकादमी की चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल: लंबी कूद खिलाड़ी रितुराज बंजारे ने अधिकारियों पर लगाया पक्षपात और अवैध वसूली का आरोप

BIRENDRA KUMAR SEN

October 17, 2026

रायपुर में राज्य खेल अकादमी की चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल: लंबी कूद खिलाड़ी रितुराज बंजारे ने अधिकारियों पर लगाया पक्षपात और अवैध वसूली का आरोप

, रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राज्य खेल अकादमी (स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा) एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। सारंगढ़ जिले के भटगांव ब्लॉक स्थित ग्राम गगोरी टांड़ा के लंबी कूद (लॉन्ग जंप) एथलीट रितुराज बंजारे ने चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता, षड्यंत्र और प्रशिक्षक द्वारा जबरन राशि वसूलने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। खिलाड़ी का कहना है कि ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद उसे बाहर कर दिया गया, जबकि हारे हुए खिलाड़ी को अकादमी में प्रवेश दे दिया गया।

ट्रायल में जीत के बावजूद बाहर करने का आरोप रितुराज बंजारे के अनुसार, 01-02 मई 2026 को अकादमी में आयोजित चयन ट्रायल में उन्होंने हिस्सा लिया था। आरोप है कि ट्रायल के दौरान जिस खिलाड़ी (आदित्य निषाद) को उन्होंने पराजित किया था, उसका चयन कर उसे हॉस्टल और प्रशिक्षण की सुविधा दे दी गई, जबकि उन्हें मेरिट में होने के बावजूद दरकिनार कर दिया गया।

पुनः ट्रायल में नियम विरुद्ध इवेंट बदलने का दावा खिलाड़ी का आरोप है कि आपत्ति जताने के बाद खेल विभाग के अधिकारी गिरीश शुक्ला द्वारा उनका पुनः ट्रायल तो कराया गया, लेकिन वहां भी पक्षपात हुआ। लंबी कूद के एथलीट का मुकाबला उसी स्पर्धा के खिलाड़ी से कराने के बजाय ट्रिपल जंप के खिलाड़ी दुर्गेश कुशवाहा से करा दिया गया। इस ट्रायल का परिणाम भी महीनों बीत जाने के बाद आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया।

प्रशिक्षक पर सरकारी प्रोत्साहन राशि ऐंठने का आरोप मामले में सबसे गंभीर आरोप खेल प्रशिक्षक हिमांशु चंद्राकर पर लगा है। खिलाड़ी का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा उनके बैंक खाते में भेजी गई 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि को प्रशिक्षक ने मांग लिया। मजबूरी में खिलाड़ी ने 3,000 रुपये नकद और शेष 2,000 रुपये एक अन्य नंबर पर यूपीआई (फोन पे) के माध्यम से ट्रांसफर किए।

पांच महीने से न्याय के लिए भटक रहा खिलाड़ी राजधानी से करीब 150 किलोमीटर दूर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले रितुराज ने बताया कि वे 22 जून 2026 से खेल विभाग के चक्कर काट रहे हैं। आवेदन दिए 116 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई निष्पक्ष जांच या कार्रवाई नहीं हुई। चयन न होने के कारण वे रायपुर में किराए के कमरे में रहकर अपने खर्च पर अभ्यास करने को मजबूर हैं, जिससे उनका खेल और भविष्य दोनों दांव पर लगा है।

उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग पीड़ित खिलाड़ी ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के उच्चाधिकारियों और शासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चयन सूची की समीक्षा करने और दोषियों पर कार्रवाई कर अकादमी में प्रशिक्षण की अनुमति देने की गुहार लगाई है। रितुराज का कहना है कि यदि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं के साथ ऐसा अन्याय होगा, तो प्रदेश और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर कैसे रोशन होगा।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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