शिक्षाविद् के.आर. सिन्हा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि,

BHUPENDRA SINHA

October 16, 2026

43 वर्षों की उत्कृष्ट शिक्षकीय सेवा, लोककला साधना, निःस्वार्थ समाज सेवा और परोपकार के लिए मिला सम्मान,

छुरा /गरियाबंद :- शिक्षा, कला, संस्कृति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में अपने बहुआयामी योगदान से विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले सेवानिवृत्त व्याख्याता, प्रख्यात लोकगीत गायक एवं अनुभवी नाड़ी वैद्य के. आर. सिन्हा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। एचीवर अवॉर्ड काउंसिल द्वारा उन्हें यह सम्मान उनके 43 वर्षों के उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य, निःस्वार्थ सेवा, सामाजिक उत्थान, परोपकार, रचनात्मक गतिविधियों एवं विशिष्ट कला कौशल के माध्यम से समाज को नई दिशा देने के लिए प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि से नगर एवं क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। सिन्हा ने अपने 43 वर्षों के गौरवशाली शिक्षकीय जीवन में गणित एवं वाणिज्य विषय के विशेषज्ञ के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, सेवा भावना और व्यक्तित्व निर्माण को सदैव प्राथमिकता दी।

रेडक्रॉस, इको क्लब एवं स्काउटिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने स्काउटिंग के क्षेत्र में राज्यपाल एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। सेवा, संवेदना और समर्पण उनकी जीवन साधना के प्रमुख आधार रहे हैं। एक अनुभवी नाड़ी वैद्य के रूप में सिन्हा हजारों पीड़ितों की निःशुल्क एवं निःस्वार्थ सेवा कर चुके हैं। जरूरतमंदों की सहायता करना, पीड़ितों को राहत पहुँचाना और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना उनके जीवन का अभिन्न अंग रहा है। उनका सेवाभावी व्यक्तित्व इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि वास्तविक उपलब्धि वही है, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सिन्हा की प्रतिभा का विस्तार शिक्षा एवं चिकित्सा सेवा तक ही सीमित नहीं है। वे मानस मर्मज्ञ, जसगीत गायक, लोकगीतों के रचनाकार एवं गायक तथा सनातन संस्कृति के समर्पित संवाहक के रूप में भी जाने जाते हैं।

अपनी कला, साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक साधना के माध्यम से उन्होंने लोकपरंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने का सतत प्रयास किया है। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें शिक्षा, लोककला और समाज सेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान प्रदान की है। एचीवर अवॉर्ड काउंसिल द्वारा सिन्हा को यह सम्मान उनके उल्लेखनीय एवं निःस्वार्थ कार्यों के लिए प्रदान किया गया। यह संस्था नीति आयोग, भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स, मिनिस्ट्री ऑफ एमएसएमई, जी-20 एवं आईएसओ से पंजीकृत संस्था है। लोकगीत गायक सिन्हा को डॉक्टरेट की उपाधि के साथ ही भारत गौरव सम्मान अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। सिन्हा का मानना है कि ज्ञान की सार्थकता शिक्षा देने में, कला की सार्थकता संस्कृति को जीवित रखने में और जीवन की सार्थकता मानवता की सेवा करने में है।

के. आर. सिन्हा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त होने पर साहित्यकार ललित साहू, देवनारायण यदु, भारत स्वाभिमान न्यास के जिलाध्यक्ष संतराम कंवर, ठेठवार यादव समाज के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं नवाचारी शिक्षक शंकर लाल यदु, श्रीराघवेंद्र मानस संघ के अध्यक्ष जागेश्वर ध्रुव, उपाध्यक्ष रोहित जगत, सहसचिव खोरबाहरा निषाद, पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष अर्जुन धनंजय सिन्हा, शाकंभरी मरार समाज के प्रांतीय संचालक हेमलाल पटेल, नेशन्स प्राइड पब्लिक स्कूल के प्राचार्य संतोष निषाद एवं कृष्णेश यदु सहित अनेक गणमान्य नागरिकों एवं शुभचिंतकों ने बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। सिन्हा की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण एवं कर्मनिष्ठा का सम्मान है, बल्कि शिक्षा, लोककला, संस्कृति और समाज सेवा को जीवन का ध्येय बनाने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत भी है।

सह संपादक

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