जांजगीर-चांपा। बलौदा ग्राम पंचायत कुंडरा में शासकीय वन भूमि पर कथित अतिक्रमण और सरकारी संसाधनों के निजी उपयोग का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत कुंडरा निवासी परस राम कश्यप ने इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बलौदा के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर मामले की जांच, स्थल निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में ग्राम पंचायत की सरपंच शिवकुमारी चौहान एवं धनाराम कश्यप के विरुद्ध आरोप लगाए गए हैं।
पंचायत भवन सहित अन्य निर्माण के लिए सुरक्षित भूमि पर कब्जे का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम पंचायत कुंडरा में खसरा नंबर 630/2 एवं 631/4 के सामने शासकीय वन विभाग की भूमि स्थित है। शिकायत में दावा किया गया है कि उक्त भूमि पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, मंच सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग के निर्माण के लिए सुरक्षित रखी गई थी। आरोप है कि इस भूमि के एक हिस्से पर कथित रूप से निजी मकान का निर्माण कर कब्जा किया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शासकीय भूमि को फेंसिंग कर घेर लिया गया है, जिससे सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित भूमि के संबंध में सवाल खड़े हो रहे हैं।
नल-जल योजना के बोर एवं पंप हाउस के निजी उपयोग का भी आरोप
परस राम कश्यप ने अपनी शिकायत में नल-जल योजना के तहत स्थापित बोर मशीन एवं पंप हाउस के कथित निजी उपयोग का भी उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरकारी योजना के तहत निर्मित इन संसाधनों का उपयोग निजी हित में किया जा रहा है। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए उन्होंने प्रशासन से स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
जांच समिति गठित कर भौतिक सत्यापन की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बलौदा से मामले की जांच के लिए समिति गठित करने तथा संबंधित स्थल का निरीक्षण कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर राजस्व एवं वन भूमि की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच के दौरान आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। साथ ही सरपंच के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।
कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई शिकायत की प्रतिलिपि
शिकायतकर्ता के अनुसार मामले की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा एसडीएम बलौदा को भी दी गई है, ताकि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा सके। अब शिकायत पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए अतिक्रमण, सरकारी संसाधनों के निजी उपयोग और अन्य आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि होना बाकी है। जांच एवं स्थल निरीक्षण के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।