
बलौदाबाजार-भाटापारा, 29 अगस्त। एक तरफ साइबर ठग फोन पर लोगों को डराकर और लालच देकर खाते खाली करने की नई-नई तरकीबें आजमा रहे हैं, तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ पुलिस ने मोर्चा जागरूकता से संभाला है। इसी कड़ी में शनिवार को ग्राम चांपा प्रवास के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने ‘जागरूकता की एक सेल्फी’ लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश दिया। राज्य की प्रथम महिला और राज्यपाल के एडीसी उदित पुष्कर (IPS) भी इस मुहिम में शामिल हुए।
राज्यपाल ने अभियान के पोस्टर पर दिए QR कोड को स्कैन कर सेल्फी ली और लोगों से भी इस पहल से जुड़ने की अपील की। संदेश साफ था—साइबर ठगी के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, हर मोबाइल यूजर की जिम्मेदारी है।
ठग का फोन आए तो तीन काम याद रखें—रुकिए, सोचिए, फिर जवाब दीजिए
पुलिस ने लोगों को साइबर ठगों की भाषा समझने की सलाह दी है। ठग कभी डर दिखाएगा, कभी लालच देगा तो कभी जल्दबाजी करवाएगा। इन तीनों में से कोई भी चाल चले तो समझिए खतरे की घंटी बज चुकी है।
आप डिजिटल अरेस्ट में हैं…”—यह सुनते ही फोन काटिए
अगर कोई खुद को पुलिस, CBI या TRAI अधिकारी बताकर कहे कि आपके नाम पर केस है, पार्सल पकड़ा गया है या आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं।
पुलिस का साफ संदेश—डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं है। कोई सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल पर आपको बंधक बनाकर पैसे जमा कराने को नहीं कहता। ऐसे कॉल पर बहस करने के बजाय **कॉल काटिए और पुलिस को सूचना दीजिए।
आज पैसा लगाइए, कल लाखों कमाइए…”—यहीं रुक जाइए
शेयर बाजार, क्रिप्टो, ऑनलाइन ट्रेडिंग या पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर अचानक मोटी कमाई का ऑफर मिले तो सावधान हो जाएं। लॉटरी जीतने या बिजली बिल/KYC अपडेट के नाम पर आए लिंक भी इसी जाल का हिस्सा हो सकते हैं।
कमाई का लालच जितना बड़ा, खतरा उतना ही बड़ा हो सकता है। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अज्ञात APK को मोबाइल में जगह न दें।
OTP बता दीजिए, KYC अपडेट करना है…”—बस यहीं फ्रॉड पकड़ा गया
बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले ठग अक्सर ATM बंद होने, KYC अधूरा होने या खाता ब्लॉक होने का डर दिखाते हैं। फिर OTP, PIN, CVV या पासवर्ड मांगते हैं।
याद रखिए—OTP आपका है, बैंक का कर्मचारी भी नहीं मांग सकता। अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस की अपील: डर को हथियार मत बनने दीजिए
साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार मोबाइल नहीं, आपका डर और जल्दबाजी है। इसलिए फोन पर कोई अधिकारी बनकर धमकाए तो घबराएं नहीं। कोई निवेश के नाम पर असाधारण मुनाफे का दावा करे तो लालच में न आएं। कोई OTP मांगे तो सीधे मना कर दें।
सतर्क रहें। स्क्रीन पर दिखने वाले हर चेहरे पर भरोसा न करें। हर लिंक सुरक्षित नहीं होता और हर फोन करने वाला अधिकारी नहीं होता।
जागरूकता की सेल्फी’ बनेगी साइबर सुरक्षा की मुहिम
छत्तीसगढ़ पुलिस के अभियान में शामिल होने के लिए आधिकारिक पोस्टर पर दिए QR कोड को स्कैन करें, ‘जागरूकता की सेल्फी’ लें और सोशल मीडिया पर शेयर करें।
एक सेल्फी आपकी हो सकती है, लेकिन उससे फैलने वाली जागरूकता किसी और का खाता बचा सकती है।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान का लक्ष्य सिर्फ ठगी रोकना नहीं, बल्कि ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जहां साइबर ठग फोन करें तो सामने वाला पहले से जागरूक मिले।