27 अगस्त के आंदोलन में होगा शिक्षक हित का शंखनाद
रायपुर। शिक्षकों की सेवा एवं पदोन्नति में TET की बाध्यता को लेकर प्रदेश में चल रहे शिक्षक आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक महासंघ ने भी खुला समर्थन दे दिया है। TET की बाध्यता समाप्त करने, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करने तथा विभागीय D.Ed./B.Ed. प्रशिक्षण के लिए ब्रिज कोर्स की व्यवस्था करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर 27 अगस्त को प्रस्तावित आंदोलन में महासंघ पूर्ण सहभागिता करेगा।
इस संबंध में आयोजित ऑनलाइन गूगल मीट में छत्तीसगढ़ के 16 से अधिक शिक्षक संगठनों के प्रांताध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने मैराथन चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 27 अगस्त के शिक्षक आंदोलन में महासंघ मजबूती से सहभागी बनेगा और शिक्षक हित में शंखनाद करेगा।
बैठक में कृष्ण कुमार नवरंग, प्रांताध्यक्ष गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़; राज नारायण द्विवेदी, प्रांताध्यक्ष प्रदेश शिक्षक महासंघ; शंकर साहू, छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन; अनिल टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय शिक्षक संघ; विक्रम राय, छत्तीसगढ़ समन्वयक संघ; चेतन दास बघेल, प्रदेश शिक्षक सेवी कल्याण संघ छत्तीसगढ़; कमलदास मूरचले, संयुक्त प्रधान पाठक कल्याण संघ; भूपेंद्र गिलहरे, छत्तीसगढ़ वरिष्ठ व्याख्याता संघ; धर्मदास बंजारे, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक अधिकार मंच; शिव सारथी, विधि सलाहकार; छोटेलाल साहू एवं नरेंद्र जांगड़े, महासंघ प्रवक्ता सहित अनेक शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए।
चार प्रमुख मांगों पर महासंघ का स्पष्ट रुख
1. TET की बाध्यता समाप्त की जाए
महासंघ ने कहा कि शिक्षकों की सेवा एवं पदोन्नति में TET की बाध्यता तत्काल समाप्त की जानी चाहिए, ताकि हजारों शिक्षकों के सेवा एवं पदोन्नति संबंधी भविष्य के रास्ते बंद न हों।
2. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना हो
शिक्षकों को उनकी वास्तविक प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना का लाभ दिया जाए, जिससे वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभों में न्याय सुनिश्चित हो सके।
3. सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर हो
सहायक शिक्षकों की लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति का तत्काल निराकरण कर उन्हें न्यायसंगत वेतनमान प्रदान किया जाए।
4. D.Ed./B.Ed. के लिए ब्रिज कोर्स कराया जाए
विभागीय D.Ed./B.Ed. प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर ब्रिज कोर्स की व्यवस्था की जाए।
आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, पूरे शिक्षक समाज का
महासंघ ने स्पष्ट किया कि 27 अगस्त का आंदोलन किसी एक संगठन की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षकों के सेवा अधिकार, वेतन, पदोन्नति, वरिष्ठता और भविष्य से जुड़ा साझा संघर्ष है।
महासंघ ने प्राथमिक शिक्षक से लेकर प्रधान पाठक, शिक्षक, व्याख्याता एवं प्राचार्य तक सभी शिक्षकों से संगठनात्मक सीमाओं से ऊपर उठकर आंदोलन में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।
महासंघ का कहना है कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी से शिक्षक समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है।
27 अगस्त को होगा शिक्षक हित में शंखनाद
छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक महासंघ ने प्रदेश के समस्त शिक्षक साथियों से अपील की है कि 27 अगस्त को होने वाले आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शिक्षक एकता का परिचय दें।
महासंघ ने कहा कि वह वर्तमान शिक्षक आंदोलन को खुला समर्थन देते हुए पूर्ण सहभागिता करेगा और शिक्षक हित की जायज मांगों के समाधान तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक महासंघ
16 से अधिक शिक्षक संगठनों का संयुक्त मंच
शिक्षक एकता — शिक्षक सम्मान — शिक्षक अधिकार