
रिपोर्टर टेकराम कोसले
बस्तर। बस्तर के पारंपरिक शाही दशहरा में बस्तर महाराजा श्री कमलचंद भंजदेव एवं महारानी को रथ में पुनः आसीन कराने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी मांग को लेकर राजस्व ग्राम पटेल संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने 19 अगस्त 2026 को बस्तर महाराजा श्री कमलचंद भंजदेव की अगुवाई में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बस्तर की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार शाही दशहरा के दौरान बस्तर महाराजा के पूर्वज महारानी सहित मां दंतेश्वरी के साथ रथ में आसीन होते रहे हैं। महाराजा के पिता के निधन के बाद श्री कमलचंद भंजदेव के अविवाहित होने के कारण उन्हें रथ में आसीन होने से वंचित रहना पड़ा था। अब महाराजा के विवाह के बाद महारानी के साथ उन्हें पारंपरिक रूप से रथारूढ़ कराने की मांग की जा रही है।
पिछले वर्ष भी उठी थी मांग
राजस्व ग्राम पटेल संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं बलौदाबाजार जिलाध्यक्ष श्री कृष्णचरण पटेल ने बताया कि संगठन ने पिछले वर्ष भी बस्तर महाराजा एवं महारानी को परंपरागत रूप से रथ में आसीन कराने की मांग को लेकर करीब पांच घंटे तक आंदोलन किया था। उस समय प्रशासन द्वारा विधिवत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। साथ ही राजमाता के आदेश के बाद रथ आगे बढ़ पाया था।
संघ ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पिछले वर्ष की पूरी परिस्थितियों से अवगत कराते हुए इस बार भी महाराजा एवं महारानी को परंपरागत रूप से रथ में आसीन कराने की मांग रखी। इसके साथ ही संगठन ने ग्राम पटेलों के मासिक मानदेय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा।
बस्तर में होगी ग्राम पटेलों की प्रादेशिक बैठक
राजस्व ग्राम पटेल संघ ने इस बार बस्तर की पावन धरा पर ग्राम पटेलों की विशाल प्रादेशिक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। संघ की ओर से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार मुख्यमंत्री ने मुख्य आतिथ्य स्वीकार करते हुए बैठक की तिथि शीघ्र निर्धारित करने की बात कही है। निर्धारित तिथि की जानकारी बस्तर महाराजा के माध्यम से संगठन को साझा किए जाने की बात भी सामने आई है।
संगठन ने कहा—परंपरा और अधिकारों के लिए जारी रहेगा संघर्ष
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। संगठन चाहता है कि बस्तर की पारंपरिक शाही दशहरा व्यवस्था में महाराजा एवं महारानी को सम्मानपूर्वक रथ में आसीन कराया जाए। इसके साथ ही ग्राम पटेलों के अधिकारों और मानदेय से जुड़े विषयों का भी शीघ्र निराकरण किया जाए।
राजस्व ग्राम पटेल संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
मुख्यमंत्री निवास में बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित मुलाकात के दौरान कृष्ण चरण पटेल जिलाध्यक्ष बलौदाबाजार, अनंत राम कश्यप संभागीय अध्यक्ष बस्तर, केशराम पंकज जिलाध्यक्ष सारंगढ़, कृष्णा जैन प्रांताध्यक्ष, राजेश चंद्राकर कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, अमर कश्यप अध्यक्ष शिवरीनारायण, ईश्वर पटेल उपाध्यक्ष, दुर्गेश साहू अध्यक्ष टुण्डरा, शंकर साहू सचिव टुण्डरा, मुकेश्वर कश्यप, भानु साहू, राज साहू, कुंजराम रात्रे, बुलाकी राम, मोहन मंडावी, रामपाल यादव, गणेश चंदेल, मन्नूलाल साहू, मोहन गिलहरे, घनश्याम साहू, हेमंत कुर्रे, ज्ञान सिंह ठाकुर, पुरनसिंह ठाकुर, नंदकुमार, अवधेश सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं बस्तर महाराजा श्री कमलचंद भंजदेव के प्रति आभार व्यक्त किया। संघ का कहना है कि अब बस्तर में होने वाली प्रादेशिक बैठक और आगामी शाही दशहरा को लेकर संगठन की गतिविधियां और तेज होंगी।