डभरा जनपद सीईओ से महिला सशक्तिकरण एवं जेंडर समानता पर सार्थक चर्चा, भारतीय संविधान की भेंट

TEKRAM KOSLE

August 14, 2026

रिपोर्टर टेकराम कोसले

डभरा। जनपद पंचायत डभरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री उमेश रात्रे से महिला सशक्तिकरण, जेंडर समानता एवं महिला अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जेंडर असमानता, महिला हिंसा, घरेलू हिंसा की रोकथाम, महिला फोरम की भूमिका तथा महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में डभरा ब्लॉक की जीएमटी टीम की सदस्य अनिता घृतलहरे, केकती महंत, निर्मला यादव, नीलम साहू, पूजा पटेल एवं सविता सिदार उपस्थित रहीं। टीम ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। साथ ही महिलाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर जीएमटी टीम द्वारा जनपद पंचायत डभरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे को भारतीय संविधान भेंट कर सम्मानित किया गया। संविधान की प्रति भेंट करते हुए टीम ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार, न्याय, स्वतंत्रता और समान अवसर प्रदान करता है तथा महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए भी मजबूत संवैधानिक आधार उपलब्ध कराता है।
सीईओ श्री उमेश रात्रे ने महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में जेंडर समानता स्थापित करने के लिए सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों को महत्वपूर्ण बताया और भविष्य में भी ऐसे सकारात्मक प्रयासों को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान महिला फोरम की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने, घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं तक सहायता पहुंचाने तथा समाज में समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने पर जोर दिया गया। उपस्थित सदस्यों ने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यह मुलाकात महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनी, जिससे क्षेत्र में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को लेकर सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ।

संपादक { समाचार }

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