11वें वेतन समझौते की अवधि खत्म होने के बाद भी नए वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से श्रमिक संगठनों में नाराजगी
कोरबा। गेवरा-दीपका 11वें वेतन समझौते की अवधि समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नए वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कोयला कर्मियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को एटक, इंटक, सीटू और एचएमएस से जुड़े श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने तत्काल जेबीसीसीआई-12 के गठन और वेतन संबंधी लंबित मुद्दों पर जल्द वार्ता शुरू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन एसईसीएल के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा एरिया सहित सेंट्रल वर्कशॉप के कार्यालयों के सामने किया गया। इस दौरान श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद संबंधित महाप्रबंधक कार्यालयों में ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की मांग की गई।
जेबीसीसीआई-12 के तत्काल गठन की मांग
श्रमिक संगठनों का कहना है कि 11वें वेतन समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद अब नए वेतन समझौते की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संगठनों ने जेबीसीसीआई-12 का तत्काल गठन, लंबित वेतन संबंधी मुद्दों पर शीघ्र वार्ता तथा 11वें वेतन समझौते के लंबित प्रावधानों का लाभ कर्मचारियों को देने की मांग की है।
श्रमिक नेताओं ने कहा कि वेतन समझौता कोयला कर्मचारियों के हितों से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में प्रक्रिया में देरी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठनों ने प्रबंधन से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
गेवरा और दीपका में बड़ी संख्या में श्रमिक हुए शामिल
गेवरा एरिया में प्रदर्शन के दौरान कोयला मजदूर सभा से केदारनाथ अग्रवाल, गिरजा साहू, शिवकुमार, राजेश सिंह और वीरेन्द्र राठौर, एटक से दीपक उपाध्याय और एलपी अगरिया, इंटक से दयमंत मिश्रा और जीवराखन चंद्रा, सीटू से जना राम कर्ष, अजय प्रताप सिंह, संतोष मिश्रा और नीलांबर शर्मा सहित अन्य श्रमिक मौजूद रहे।
वहीं दीपका एरिया में कोयला मजदूर सभा से विजय प्रसाद, एटक से विनोद यादव और अजय राठौर, सीटू से धरमलाल टंडन और श्याम कुमार खूंटे तथा इंटक से सतीश सिंह, संजू शर्मा और रसूल मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में श्रमिकों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा व्यापक
प्रदर्शन के दौरान श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यूनियनों ने प्रबंधन से जेबीसीसीआई-12 के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने और लंबित मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
कोयला कर्मियों के वेतन समझौते से जुड़े मुद्दे को लेकर श्रमिक संगठनों की एकजुटता से आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब प्रबंधन की ओर से इस मामले में क्या पहल की जाती है, इस पर श्रमिकों और यूनियनों की नजर बनी हुई है।