निजीकरण, आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारी आंदोलन की राह पर, 22 जुलाई से प्रदेशव्यापी प्रदर्शन।

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July 15, 2026

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की महासमिति बैठक में बड़ा फैसला, मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी…

बलौदा बाजार । छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय महासमिति की बैठक प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय की अध्यक्षता एवं संरक्षण सलाहकार ओ.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के निजीकरण, आउटसोर्सिंग, ठेका प्रथा, स्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतनमान, संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं जीवनदीप कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

बैठक में पैथोलॉजी एवं फार्मेसी सेवाओं को एचएलएल कंपनी को सौंपे जाने का विरोध करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया। संघ का कहना है कि इससे कर्मचारियों के भविष्य पर संकट उत्पन्न होगा। साथ ही दूसरे राज्यों के चिकित्सकों, नर्सों एवं पैरामेडिकल कर्मियों के पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त किए जाने का भी विरोध किया गया। संघ के अनुसार इससे प्रदेश के युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे तथा फर्जी डिग्री-डिप्लोमा धारकों के प्रवेश की आशंका बढ़ेगी, जिससे स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील सेवा की गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो सकता है।

महासमिति ने शासन स्तर पर लंबित पुनरीक्षित वेतनमान लागू करने, विभाग के स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने, जीवनदीप कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नीति बनाने तथा प्रदेश में स्वास्थ्य आयोग के गठन की मांग दोहराई।

कर्मचारी अधिकारी महासंघ के संयोजक अनिल शुक्ला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता के हित में भी नहीं है।

प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने सभी नियमित, संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं जीवनदीप कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी हितों एवं सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की रक्षा के लिए सामूहिक संघर्ष आवश्यक है।

महासमिति एवं कोर समिति ने आंदोलन के प्रथम चरण की घोषणा करते हुए बताया कि 22 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदर्शन एवं नारेबाजी करेंगे तथा मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

यदि प्रथम चरण के बाद भी सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।

बैठक में प्रदेशभर के प्रांतीय पदाधिकारी, प्रांतीय संयोजक, संभागीय अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष दुर्गेश सिंह बंजारे ने कहा कि कर्मचारी हितों की रक्षा तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए सामूहिक संघर्ष समय की आवश्यकता है।

प्रधान संपादक

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