जमाखोरी पर होगी कार्रवाई, जरिकेन में डीजल देने के लिए अब दिखाने होंगे दस्तावेज
कुलदीप शर्मा ने जिले में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर गुरुवार को बड़ी समीक्षा बैठक ली। बैठक में साफ किया गया कि जिले में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त सप्लाई हो रही है, लेकिन किसी भी स्तर पर लापरवाही, जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने खाद्य विभाग, ऑयल कंपनियों और गैस एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर उपभोक्ता तक समय पर गैस और ईंधन पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी में अनियमितता मिलने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक में आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि कंपनियों की ओर से पर्याप्त मात्रा में सप्लाई भेजी जा रही है। हालांकि कुछ एजेंसियों द्वारा समय पर डिमांड नहीं भेजने से वितरण में देरी हो रही है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा।
24 घंटे चालू रहेंगे CCTV कैमरे
कलेक्टर ने जिले के सभी पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों में सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों में ही भरा जाए। जरिकेन में खुले तौर पर डीजल-पेट्रोल देने पर रोक रहेगी। खेती के कार्य के लिए ट्रैक्टर मालिकों को राहत देते हुए निर्देश दिए गए कि ट्रैक्टर के दस्तावेज और वाहन स्वामी का नाम-पता रजिस्टर में दर्ज करने के बाद 15 से 20 लीटर तक डीजल दिया जा सकेगा। वहीं पोकलेन और अन्य अर्थमूवर मशीनों के लिए विभागीय सत्यापन और वर्क ऑर्डर की कॉपी दिखाना जरूरी होगा।
रोज होगा पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों का निरीक्षण
कलेक्टर ने खाद्य अधिकारियों और निरीक्षकों को रोजाना फील्ड में उतरकर पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टॉक और वितरण की प्रतिदिन रिपोर्ट ली जाए ताकि किसी भी उपभोक्ता को परेशानी न हो।साथ ही तय दर से ज्यादा कीमत वसूलने, बिना सिलेंडर डिलीवरी के मैसेज भेजने या ऑनलाइन एंट्री और भौतिक स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अभिषेक गुप्ता, पुनीत वर्मा समेत खाद्य विभाग, ऑयल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।