श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल छुरा मे आयुष्मान योजना में बड़ा खेल उजागर?

BHUPENDRA SINHA

April 2, 2026

सामान्य मरीजों को ICU में दिखाकर भारी क्लेम के आरोप,

छुरा / गरियाबंद :- जिले के छुरा विकासखंड में आयुष्मान योजना के तहत इलाज को लेकर गंभीर अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। छुरा स्थित एक निजी अस्पताल के विरुद्ध मरीजों के वास्तविक उपचार और दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के बीच अंतर रखकर अधिक राशि का दावा करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ीसा से इलाज कराने आए कई मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सामान्य बीमारी या चोट का उपचार किए जाने के बावजूद आयुष्मान कार्ड में उन्हें गंभीर मरीज दर्शाया गया। आरोप है कि मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती कर उपचार किया गया, जबकि दस्तावेजों में ICU में भर्ती दिखाकर अधिक राशि का क्लेम किया गया।

*रमशिला मांझी का मामला सामने आया*

परिजनों के अनुसार रमशिला मांझी सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं, जिससे उनके सिर में चोट आई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में उनका उपचार सामान्य रूप से किया गया, लेकिन आयुष्मान कार्ड में उन्हें गंभीर स्थिति में ICU में भर्ती दर्शाया गया। जांच के लिए उन्हें अन्य अस्पताल भी भेजा गया था।

अन्य मरीजों ने बताया

इसी प्रकार शबाक बाई मांझी और दुखियां बाई मांझी के परिजनों ने भी आरोप लगाया है कि हाथ-पैर दर्द जैसी सामान्य शिकायत पर भर्ती कराने के बावजूद दस्तावेजों में गंभीर बीमारी दर्शाई गई। उनके अनुसार, वास्तविक उपचार सामान्य था, लेकिन आयुष्मान कार्ड के माध्यम से अधिक राशि का दावा किया गया।

*पूर्व में भी उठ चुके हैं सवाल*

स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि संबंधित अस्पताल को लेकर पहले भी उपचार व्यवस्था और प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं। कुछ मामलों में मरीजों की मृत्यु के बाद परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए थे, हालांकि उन मामलों में जांच की प्रक्रिया जारी बताई गई थी।

जांच के दायरे में पूरा प्रकरण

मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित अस्पताल के रिकॉर्ड, बिलिंग प्रक्रिया और आयुष्मान क्लेम की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

*प्रशासन ने दिए कार्रवाई के संकेत*

जिला प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संस्थान और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*योजना की पारदर्शिता पर उठे सवाल*

छुरा में सामने आया यह मामला आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। गरीबों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना में यदि इस प्रकार की अनियमितताएं होती हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

*जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें*

फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और प्रशासन ने रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

सह संपादक

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