
रिपोर्टर: टेकराम कोसले
महासमुंद। महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और नवाचार क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। INSPIRE Award – MANAK के तहत बसना विकासखंड के 20 छात्र-छात्राओं के अभिनव (इनोवेटिव) आइडिया का चयन किया गया है। चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को अपने नवाचार को विकसित करने के लिए 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार कुल 2 लाख रुपये की राशि विद्यार्थियों के लिए मंजूर की गई है।
यह चयन प्रक्रिया जिला शैक्षिक एवं विज्ञान परिषद महासमुंद के मार्गदर्शन में बसना ब्लॉक नोडल प्रेमचंद साव के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी लोकेश्वर सिंह कंवर तथा बीआरसीसी अनिल सिंह साव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
उल्लेखनीय है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित INSPIRE अवार्ड मानक योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और शोध की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों को अपने अभिनव विचारों को वास्तविक मॉडल में बदलने का अवसर मिलता है।
बसना विकासखंड से चयनित विद्यार्थी
बसना विकासखंड से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिनमें से 20 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
चयनित विद्यार्थियों में प्रमुख रूप से शामिल हैं —
पीएमश्री स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल बसना से तान्या साहू
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरेकेल से पल्लवी सिदार
मुनगाडीह से रितु लहरे
अंकोरी से करन डड़सेना एवं पायल निषाद
ढूटीकोना से बबिता चौहान एवं हेमलता सिदार
दुलारपाली से बबली जायसवाल, प्रिंस साहू एवं बिपाशा चौहान
उमरिया से संतोषी दीवान
माधोपाली से समीर कुमार भारती
कन्या शाला बड़े साजापाली से नेहा साहू
लोहड़ीपुर से सुधांशु मोहंती
बरपेलाडीह से अमित बाघ
सलखंड से अंशिका सिदार
शासकीय हाई स्कूल ढूटीकोना से वेदिका साहू
स्कूल खोगसा से लता दीवान
कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसना से भूमिका साव एवं रूखमणी।
जिला विज्ञान प्रदर्शनी में करेंगे प्रोटोटाइप की प्रस्तुति
चयनित विद्यार्थी प्राप्त प्रोत्साहन राशि से अपने इनोवेटिव आइडिया का प्रोटोटाइप (मॉडल) तैयार करेंगे। इसके बाद वे जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर से चयनित प्रोजेक्ट को आगे राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर मिलता है, जहां विभाग द्वारा पेटेंट, स्टार्टअप और तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 60 सर्वश्रेष्ठ नवाचारों को सम्मानित किया जाता है।
अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
इस उपलब्धि पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे ने कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और शोध के प्रति रुचि विकसित करते हैं, जिससे वे भविष्य में वैज्ञानिक और शोधकर्ता बनने के लिए प्रेरित होते हैं।
वहीं बीआरसीसी अनिल सिंह साव ने बताया कि चयन के दौरान नवीनता, समाज के लिए उपयोगिता, पर्यावरण अनुकूलता, सरल उपयोग और वर्तमान तकनीक से बेहतर समाधान जैसे मानकों को आधार बनाया गया।
इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, जिला नोडल अधिकारी जगदीश सिन्हा, जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा सहित जिले के शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और शिक्षकों ने सभी चयनित विद्यार्थियों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।