बलौदाबाजार, 26 फरवरी 2026। सोनबरसा वन विहार केंद्र, बलौदाबाजार में तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 के लिए शाखाकर्तन, संग्रहण एवं भंडारण संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में तेन्दूपत्ता की गुणवत्ता में सुधार, निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप कार्यों के संचालन तथा संग्रहण से लेकर परिवहन और गोदामीकरण तक की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान शाखाकर्तन की वैज्ञानिक विधि, उसके दीर्घकालिक लाभ, गुणवत्ता नियंत्रण के मानक तथा गड्डी बंधाई की निर्धारित प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से शाखाकर्तन करने पर लगभग 40 से 50 दिनों के भीतर बेहतर गुणवत्ता के पत्ते प्राप्त होते हैं, जिससे संग्रहण लक्ष्य की पूर्ति के साथ-साथ ग्रामीण हितग्राहियों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होती है।
इसके अतिरिक्त फड़ स्तर पर संग्रहण, पत्तों का उपचार, बोरा भराई, सिलाई, परिवहन पास की प्रक्रिया तथा गोदामीकरण की समुचित व्यवस्था के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में फड़ मुंशी एवं फड़ अभिरक्षक की भूमिका, प्राथमिक वन उपज सहकारी समिति प्रबंधक के दायित्व, भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संग्रहण, भंडारण एवं परिवहन की प्रत्येक प्रक्रिया नियमानुसार एवं अभिलेखीय संधारण के साथ पूर्ण करना अनिवार्य है।
वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्रहण केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि शाखाकर्तन एवं संग्रहण कार्य गुणवत्ता के साथ संपन्न किया जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के साथ हितग्राहियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
कार्यशाला में लघु वनोपज अध्यक्ष बलदेव सिंह मैत्री, अधीक्षक बारनवापारा अभ्यारण्य कृषानू चन्द्राकार, उप वनमंडलाधिकारी कसडोल अनील वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार प्रखर नायक, प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल सुश्री सिमरन साहू, सुश्री कविता ठाकुर, अनिरुद्ध कश्यप, राहुल उपाध्याय तथा फड़ मुंशी लोकेश देवदास, नेमीचंद कानूजे, राजकुमार ध्रुव एवं कौशल प्रसाद साहू सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
