बलौदाबाजार । 11 फरवरी 2026 अर्जुनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत वनाग्नि से सुरक्षा एवं जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया गया। आगामी अग्नि सीज़न 2026 को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों, वन प्रबंधन समितियों और वन अमले की सहभागिता को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों से अपील की कि वनाग्नि की किसी भी घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दें और रोकथाम में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि समयबद्ध एवं सामूहिक प्रयासों से “शून्य वनाग्नि घटना” का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस दौरान वनों में आग लगने के प्रमुख कारणों तथा उसके पर्यावरण, वन्यजीव और मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जनजागरूकता को प्रभावी बनाने के लिए गिरौदपुरी विद्यालय के विद्यार्थियों ने वनाग्नि विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। साथ ही कविता पाठ एवं चित्रकला के माध्यम से आग से होने वाले नुकसान को रचनात्मक ढंग से दर्शाया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
कार्यशाला में वन प्रबंधन समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने भी स्थानीय स्तर पर अपनाए गए उपायों एवं अनुभवों को साझा किया। पिछले पाँच वर्षों के प्रदर्शन के आधार पर अर्जुनी, थरगाँव, महराजी और खोसड़ा वन प्रबंधन समितियों को उत्कृष्ट कार्य, सतर्कता एवं सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। इनके प्रयासों को अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक बताया गया।
इस अवसर पर प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक गुलशन कुमार साहू, प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल डब्बू साहू, सुश्री मीनाक्षी साहू, सुश्री रूपेश्वरी दीवान सहित अन्य वन अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायतों के सरपंच, वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सदस्य, गिरौदपुरी एवं अर्जुनी विद्यालय के छात्र-छात्राएँ तथा शिक्षकगण उपस्थितरहे।