बलौदाबाजार-भाटापारा। 07 जनवरी 2026 शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन–ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)’ ने जिले के ग्रामीण अंचलों में विकास की नई उम्मीद जगाई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के उन्नत एवं आधुनिक स्वरूप के रूप में लागू यह योजना वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना तथा शहरों की ओर होने वाले पलायन को प्रभावी रूप से रोकना है।
जिले के ग्राम कोसमंदा में योजना को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीण इसे आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार मान रहे हैं। ग्राम रामपुर (कोसमंदा) निवासी प्रमिला कन्नौजे ने बताया कि योजना के तहत अब वर्ष में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा, जिससे परिवार की आय में स्थायित्व आएगा। उन्होंने योजना की प्रमुख विशेषता त्वरित भुगतान प्रणाली को बताया, जिसके अंतर्गत श्रमिकों को मजदूरी एक सप्ताह के भीतर प्राप्त हो जाएगी। साथ ही, कार्य की मांग के बावजूद रोजगार उपलब्ध न होने की स्थिति में भत्ते का प्रावधान ग्रामीणों के लिए एक प्रभावी सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा।
खेती-किसानी के दृष्टिकोण से भी योजना को अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है। ग्रामीण सीताराम के अनुसार, डबरी निर्माण, तालाबों के जीर्णोद्धार, नहर-नाली निर्माण जैसे कार्यों से जलस्तर में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन को मिलेगा। योजना की एक विशेष व्यवस्था के तहत धान की खेती के पीक सीजन में 60 दिनों तक सरकारी कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती के समय श्रमिकों की उपलब्धता बनी रहेगी और कृषि कार्य समय पर पूर्ण हो सकेंगे। यह प्रावधान किसान एवं श्रमिक—दोनों के हितों का संतुलन सुनिश्चित करता है।
कोसमंदा सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ इस बात का संकेत हैं कि वीबी-जी राम जी योजना धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका