छत्तीसगढ़ की धरोहर को राष्ट्रीय पहचान— ढोकरा शिल्पकार हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार

TEJASWI NATH SONI

December 11, 2025

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 12 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध पारंपरिक कलाओं को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाते हुए ढोकरा–बेलमेटल शिल्प की कुशल शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान न केवल श्रीमती बघेल की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोककला परंपरा का भी गौरव बढ़ाने वाला है।

 

वेनांचल क्षेत्र की ग्राम पंचायत बैगीनडीह निवासी हीराबाई बघेल वर्षों से परंपरागत धातु कला को नई दिशा देते हुए अनूठे ढोकरा शिल्प का निर्माण करती आ रही हैं। उनकी कलाकृतियाँ न केवल स्थानीय संस्कृति की पहचान हैं, बल्कि देशभर में छत्तीसगढ़ी हस्तकला को विशिष्ट स्वरूप प्रदान करती हैं।

 

राज्य सरकार ने इसे छत्तीसगढ़ के हर शिल्पकार का सम्मान बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य की समृद्ध लोककला, आदिवासी परंपरा और ग्रामीण प्रतिभा की चमक को राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्स्थापित करती है। सरकार की ओर से कहा गया कि कला-संरक्षण, प्रशिक्षण एवं बाजार विस्तार हेतु निरंतर प्रयास जारी हैं, ताकि स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा वैश्विक मंच तक पहुँच सके।

 

श्रीमती बघेल को इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

सह संपादक

Share this content:

Leave a Comment