मनरेगा से निर्मित पक्का मुर्गी शेड बना आजीविका का आधार — हितग्राही भूलू की आय में उल्लेखनीय वृद्धि, जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

TEJASWI NATH SONI

November 18, 2025

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ग्राम पंचायत कोदवा के हितग्राही भूलू हैं, जिनके लिए मनरेगा अंतर्गत निर्मित पक्का मुर्गी शेड स्थायी आय का मजबूत स्रोत बन गया है।

मनरेगा से ₹1.13 लाख की लागत में स्वीकृत इस पक्के शेड ने न केवल मुर्गियों के सुरक्षित आश्रय की समस्या को दूर किया, बल्कि उत्पादन क्षमता और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है।


अस्थायी से स्थायी शेड—आजीविका में बड़ा परिवर्तन

हितग्राही भूलू पहले से ही मुर्गी पालन करते थे, परंतु अस्थायी शेड होने के कारण बरसात, गर्मी और ठंड के मौसम में—

  • मुर्गियों की सुरक्षा,

  • दाने का संरक्षण,

  • तथा उत्पादन क्षमता
    गंभीर रूप से प्रभावित होती थी।

लेकिन पक्का शेड बनने के बाद मुर्गियों के लिए एक सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हुआ, जिससे मृत्युदर में उल्लेखनीय कमी आई और उत्पादन बढ़ा।


भूलू की आय में बड़ा इजाफा — आंकड़ों में सफलता

शेड निर्माण के बाद भूलू ने—

  • 500 चूजे खरीदे (₹25 प्रति नग)

  • इनमें से 60 चूजे ₹600 प्रति नग की दर से बेचे

  • शेष 150–200 चूजे अभी अच्छी वृद्धि पर हैं

अब तक इस उद्यम से भूलू को ₹36,000 की सीधी आय प्राप्त हो चुकी है।
पक्के शेड के कारण भविष्य में आय और अधिक बढ़ने की संभावना है।


जैविक खाद का उपयोग — कृषि में भी लाभ

मुर्गियों द्वारा उत्पन्न पिट्स/वेस्ट को भूलू द्वारा जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
इससे—

  • कृषि में खर्च कम हुआ

  • मिट्टी की गुणवत्ता सुधरी

  • उत्पादन में वृद्धि हुई

इस प्रकार मुर्गी पालन और खेती दोनों में दोहरा लाभ मिल रहा है।


हितग्राही की योजना — विस्तार से बढ़ेगा रोजगार

वर्तमान लाभ को देखते हुए भूलू अब नजदीकी भूमि खरीदकर मुर्गी शेड का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा—
“मनरेगा से मिला पक्का शेड मेरे लिए आय का स्थायी साधन बन गया है। इससे मुर्गियों की सुरक्षा बढ़ी है और आय में भी काफी वृद्धि हुई है।”


मनरेगा—ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक

मनरेगा के अंतर्गत निर्मित यह पक्का मुर्गी शेड हितग्राही के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह दर्शाता है कि—

  • मनरेगा केवल रोजगार ही नहीं दे रही,

  • बल्कि स्थायी आजीविका संवर्धन,

  • स्वावलंबन,

  • और ग्रामीण समृद्धि की दिशा में प्रभावी रूप से योगदान दे रही है।

यह मॉडल अन्य ग्रामीणों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो अपनी आजीविका को स्थिर और मजबूत बनाना चाहते हैं।

सह संपादक

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