📍 बलौदाबाजार, 11 नवम्बर 2025 |
कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) बलौदाबाजार में आज प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला (PMNAM) का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिले के प्रतिष्ठित उद्योग समूहों एवं कंपनियों ने भाग लिया और युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता जताई।
—
🔹 98 युवाओं ने लिया हिस्सा
इस अप्रेंटिसशिप मेले में विभिन्न ट्रेडों के कुल 98 प्रशिक्षणार्थियों ने पंजीकरण कराया।
कार्यक्रम में प्रमुख उद्योग समूह जैसे —
🏭 न्यू विस्टा सीमेंट (रिसदा)
🏭 श्री सीमेंट (सेम्हराडीह)
🏭 अल्ट्राटेक सीमेंट (रावन)
🏭 नुवोको सीमेंट (सोनाडीह)
🏭 अंबुजा सीमेंट (रवान)
शामिल हुए और उन्होंने युवाओं के कौशल मूल्यांकन के आधार पर अप्रेंटिसशिप चयन की प्रक्रिया संचालित की।
—
🔹 प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर विशेष सत्र
मेले के दौरान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) रायपुर के प्रवर्तन अधिकारी श्री गोपाल प्रसाद देवांगन ने उपस्थित नियोक्ता प्रतिनिधियों और प्रशिक्षणार्थियों को
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM Vikas Bharat Rojgar Yojana) की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह योजना नियोक्ताओं को युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार देने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करती है, साथ ही कर्मचारियों को भविष्य निधि, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराती है।
उन्होंने सभी उद्योग प्रतिनिधियों से इस योजना का अधिकतम लाभ लेने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की अपील की।
—
🔹 उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी
कार्यक्रम में उद्योग जगत से कई वरिष्ठ एचआर अधिकारी उपस्थित रहे —
न्यू विस्टा सीमेंट रिसदा से ऋषिकेश मौर्य एवं निलेश धाकड़
श्री सीमेंट सेम्हराडीह से जोबनजीत सिंह
अल्ट्राटेक सीमेंट रावन से हरीश वर्मा
नुवोको सीमेंट सोनाडीह से बी.बी. मिश्रा
अंबुजा सीमेंट रवान से संजय दास एवं चंद्रशेखर
इन सभी ने युवाओं को उद्योगों में कार्य के व्यावहारिक पहलुओं, सुरक्षा मानकों और कार्यकुशलता पर प्रेरक सत्र दिए।
—
🔹 कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला का यह आयोजन युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इससे न केवल प्रशिक्षार्थियों को अनुभव प्राप्त होगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान भी देंगे।
