जनजातीय गौरव दिवस एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर दिए गए आवश्यक निर्देश
बिलासपुर, 7 नवम्बर 2025।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में बिलासपुर संभाग के 10 जिलों — बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार, मुंगेली, कबीरधाम, रायगढ़ एवं कोरबा के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, संबंधित सहायक आयुक्त एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
🔹 योजनाओं की समीक्षा और दिशा-निर्देश
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि
-
विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी, समीक्षा और फील्ड निरीक्षण के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जाए।
-
जो कार्य नियोजित समय सीमा में पूर्ण नहीं किए जा सकते, उन्हें निरस्त किया जाए।
-
पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) तत्काल प्रस्तुत किए जाएँ।
उन्होंने कहा कि योजनाएँ सीधे जनहित से जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता का पालन आवश्यक है।
श्री बोरा ने अधिकारियों से जनजातीय समाज के बीच जाकर योजनाओं की जानकारी देने और संवाद स्थापित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा —
“शासन की योजनाएँ तभी सार्थक होंगी जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सभी अधिकारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।”
🔹 जनजातीय गौरव दिवस और राज्य स्तरीय कार्यक्रम
प्रमुख सचिव ने बताया कि 15 नवम्बर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण हेतु विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम 19 एवं 20 नवम्बर को अंबिकापुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगमन की संभावना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कई नई योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा —
जिनमें
-
बैगा, गुनिया, हड़जोड़ सम्मान योजना,
-
मुख्यमंत्री जनजातीय ग्राम अखरा विकास योजना शामिल हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य जनजातीय समाज को सांस्कृतिक सम्मान, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नयन की दिशा में अग्रसर करना है।
🔹 नए छात्रावासों का निर्माण
श्री बोरा ने बताया कि बिलासपुर जिले के जरहाभाठा में 21.73 करोड़ रुपये की लागत से 300 सीटर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।
इसके साथ ही 300 सीटों की क्षमता वाले गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह अधोसंरचना छात्रों को सुरक्षित आवास, बेहतर शैक्षणिक माहौल और आवश्यक संसाधनों की सुविधा प्रदान करेगी।
🔹 छात्रवृत्ति योजनाओं पर जोर
बैठक में कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ चर्चा करते हुए प्रमुख सचिव ने छात्रवृत्ति योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा —
“पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिलना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
