
रिपोर्टर टेकराम कोसले
Masb news
जांजगीर-पामगढ़, 25 अक्टूबर 2025।
जिले के कमरीद गांव में एक उल्लेखनीय सामाजिक परिवर्तन देखने को मिला है। वर्षों से महुआ शराब निर्माण और अवैध कारोबार में लिप्त रहने वाले सबरिया समाज के लोगों ने अब मुख्यधारा में शामिल होकर खेती और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। यह परिवर्तन जांजगीर-पामगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) विजय पांडेय के प्रयासों का परिणाम है, जिनकी पहल ने गांव में नई उम्मीद और सकारात्मक सोच को जन्म दिया है।
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🌾 सबरिया समाज ने अपनाई नई राह – शराब छोड़ अब खेती की ओर
कमरीद गांव के सबरिया समाज के कई परिवार अब शराब बनाने के बजाय खेती, पशुपालन और छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू कर रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस की समझाइश से अब वे सम्मानपूर्वक जीवन जीने की ओर अग्रसर हैं।
गांव में अब शराब बनाने की जगह खेतों में नई फसलें और सब्ज़ियां लहलहा रही हैं। युवा वर्ग भी इस बदलाव से प्रेरित होकर स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ले रहा है।
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👮♂️ SP विजय पांडेय ने की पहल – गांव पहुंचे, की चर्चा
जिले के एसपी विजय पांडेय स्वयं कमरीद गांव पहुंचे और सबरिया समाज के लोगों से संवाद किया। उन्होंने समाज के लोगों से कहा कि –
> “जीवन में बदलाव का पहला कदम खुद उठाना होता है। पुलिस और प्रशासन आपके साथ है, यदि आप सही रास्ता चुनते हैं।”
एसपी ने गांव के युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी और आश्वासन दिया कि समाज के हर व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने में पुलिस विभाग पूरा सहयोग करेगा।
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🌱 प्रशासनिक सहयोग से बदल रही तस्वीर
पुलिस विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल के तहत कमरीद गांव के निवासियों को कृषि उपकरण, बीज, खाद और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारी दी जा रही है।
महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूह (SHG) के माध्यम से रोजगार सृजन के प्रयास भी शुरू हो गए हैं। गांव में अब साफ-सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में भी वृद्धि हुई है।
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📈 समाज में संदेश – बदलाव संभव है
कमरीद गांव की यह पहल अब पूरे जिले में सकारात्मक उदाहरण बन गई है। सबरिया समाज के लोगों ने यह साबित किया है कि यदि इच्छाशक्ति और प्रशासनिक सहयोग मिले तो कोई भी समुदाय अपनी पहचान और जीवनशैली बदल सकता है।