कसडोल/बलौदाबाजार, 7 नवम्बर 2025 | संवाददाता रिपोर्ट
शासकीय कस्तूरबा कन्या आवासीय विद्यालय कसडोल में शुक्रवार, दिनांक 7 नवम्बर 2025 को अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन कसडोल के संयुक्त तत्वावधान में गांधी जयंती उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम दोपहर 2 से 4 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें विद्यालय के छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
🔹 कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण
गांधी जयंती उत्सव के दौरान कई रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे —
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पोस्टर प्रदर्शनी और संवाद सत्र
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गांधी जी के जीवन दर्शन पर चर्चा
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मूवी शो और प्रश्न मंच प्रतियोगिता
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गांधी जी के बचपन से युवावस्था तक की प्रेरक घटनाओं पर आधारित कहानी सत्र
इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को महात्मा गांधी के जीवन मूल्य — सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और सह-अस्तित्व को समझाना और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
🔹 गांधी के आदर्शों से जुड़ाव
बच्चों ने पोस्टर प्रदर्शनी में गांधी जी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाने वाले पोस्टर बनाए और उन्हें प्रस्तुत किया। इसके बाद आयोजित चर्चा सत्र में गांधी जी के बचपन की प्रेरक घटनाओं, जैसे — सत्य बोलने की आदत, झूठ का विरोध, दूसरों को कष्ट न देना और आत्म-अनुशासन पर विस्तार से बातचीत हुई।
कार्यक्रम में “मुन्ना भाई M.B.B.S.” फिल्म के तीन प्रमुख क्लिप्स दिखाए गए, जिनमें गांधीवादी विचारधारा को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। बच्चों ने इन्हें अपने जीवन से जोड़ते हुए चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए।
🔹 प्रश्न मंच और सहभागिता
अंत में आयोजित गांधी क्विज (प्रश्न मंच) कार्यक्रम में छात्रों ने गांधी जी के बचपन, शिक्षा, दक्षिण अफ्रीका में उनके संघर्ष, और असहयोग आंदोलन से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देकर ज्ञानवर्धक अनुभव प्राप्त किया।
प्रधानपाठक रीना कट्कवार ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का स्वागत किया और कहा —
“यह आयोजन बच्चों में न केवल ऐतिहासिक जागरूकता बढ़ाता है बल्कि उनके भीतर मानवीय मूल्य, सत्य और अहिंसा जैसे आदर्शों को स्थापित करने में मदद करता है।”
🔹 अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की भूमिका
कार्यक्रम का संचालन अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य नरेन्द्र कुमार और अंकिता ने किया। नरेन्द्र कुमार ने फाउंडेशन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि —
“अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन एक अलाभकारी शिक्षण संस्थान है, जो शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को अकादमिक सहयोग प्रदान करने के लिए कार्यरत है। यह संस्था किसी भी प्रकार की सरकारी राशि नहीं लेती या देती, बल्कि शासन के साथ मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का कार्य करती है।”
फाउंडेशन द्वारा भाषा एवं गणना कौशल सुधार, शिक्षक प्रशिक्षण, रचनात्मक शिक्षण विधियों और नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण सहयोग जैसी गतिविधियों पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
🔹 अतिथियों का अभिवादन
खंड स्रोत कार्यालय के आर. डी. पटेल, सविता मेम और दिव्यांग स्रोत सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। श्री पटेल ने कहा —
“अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा इस प्रकार का ज्ञानवर्धक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है।”
🔹 कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने गांधी जी के मूल्यों — सत्य, सद्व्यवहार, और धैर्य को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
प्रधानपाठक रीना कट्कवार ने आयोजन को “सार्थक और प्रेरणादायक पहल” बताते हुए अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन टीम का आभार व्यक्त किया।
