सक्ती/जैजैपुर।
जैजैपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध शराब, गांजा एवं जुआ जैसे गैरकानूनी गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, वहीं मादक पदार्थों की आसान उपलब्धता से सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन गतिविधियों के विरुद्ध अब तक कोई ठोस और प्रभावी पुलिस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची महुआ शराब से लेकर देशी-विदेशी मदिरा तक, विभिन्न प्रकार की शराब कोचियों के माध्यम से ऊँचे दामों पर बेची जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार प्रतिमाह लाखों रुपये के लेन-देन तक पहुँच चुका है। इसके साथ ही, गांजा जैसे मादक पदार्थों की उपलब्धता भी बढ़ती जा रही है, जिससे युवा वर्ग सहित समाज के अन्य वर्गों में नशे की लत तेजी से फैल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव-गांव में चखना टपरियों और चौक-चौराहों पर शाम ढलते ही शराबियों का जमावड़ा लगना आम बात हो गई है। नशे की लत के कारण आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि की आशंका भी जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, नशे की गिरफ्त में आकर लोग अपनी मेहनत की कमाई जुए जैसे गलत धंधों में गंवा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि आज भी कई ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर जुआ फड़ संचालित हो रहे हैं।
चिंताजनक पहलू यह है कि अवैध कारोबारियों में स्थानीय पुलिस प्रशासन का भय लगभग समाप्त होता दिख रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब से जैजैपुर थाने में नया प्रभारी पदस्थ हुआ है, तब से अवैध शराब, गांजा और जुआ के विरुद्ध कोई उल्लेखनीय कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि जैजैपुर थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नशे के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लग सके और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक संतुलन बनाए रखा जा सके।