
मनेन्द्रगढ़ | 13 फरवरी 2026 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) मनेन्द्रगढ़ इकाई द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लेखा पर्यवेक्षक के अनुशासनहीन आचरण के खिलाफ सौंपे गए ज्ञापन का असर सामने आया है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें संबंधित अधिकारी कार्यालय कक्ष के भीतर टेबल पर पैर रखकर मोबाइल फोन का उपयोग करते दिखाई दे रहे थे। इस घटना को लेकर विद्यार्थी परिषद ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे शासकीय मर्यादा और कार्यालयीन कार्यसंस्कृति के प्रतिकूल बताया था तथा त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा जांच कराई गई। जांच उपरांत संबंधित अधिकारी दिनेश प्रसाद शर्मा (लेखा पर्यवेक्षक) के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत लघु शास्ति (4) के तहत कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार उनकी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।
एबीवीपी पदाधिकारियों ने इसे छात्रहित एवं अनुशासन की जीत बताया है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। परिषद ने प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में शासकीय आचरण एवं कार्यस्थल अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।