सुशासन सप्ताह के अंतर्गत अर्जुनी ग्राम पंचायत में आयोजित बहुविभागीय शिविर बना ग्रामीणों के लिए राहत केंद्र, परिवहन विभाग की तत्परता से गांव में ही मिले लर्निंग लाइसेंस

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

December 24, 2025


दिनांक 24-12-2025 को छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार बलौदा बाजार जिले की अर्जुनी ग्राम पंचायत में सुशासन सप्ताह के अंतर्गत भव्य बहुविभागीय शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम अर्जुनी स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में आयोजित इस शिविर में जिला प्रशासन की पहल पर विभिन्न विभागों ने सहभागिता निभाई और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ गांव में ही उपलब्ध कराया गया।

शिविर का संचालन जिला कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं निर्देश पर किया गया। जिला परिवहन अधिकारी के नेतृत्व में परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस निर्माण की सुविधा को विशेष रूप से प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया, जो शिविर का प्रमुख आकर्षण रहा। निरीक्षण तौर पर परिवहन विभाग के कर्मचारी मनोज पाटले भी उपस्थित रहे और उन्होंने शिविर की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते ग्रामीणों को लंबी प्रक्रियाओं और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली।

लर्निंग लाइसेंस निर्माण कार्य में परिवहन सुविधा केंद्र, रितेश परिवहन सुविधा केंद्र एवं अनाया परिवहन सुविधा केंद्र द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी एवं प्रक्रियागत सहयोग प्रदान किया गया। प्रशिक्षित ऑपरेटरों द्वारा आवेदनों का तत्परता से सत्यापन कर पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार शुल्क लेकर मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए गए। इस पहल से शासन की “सेवा आपके द्वार” की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

परिवहन विभाग को शिविर के दौरान कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 39 पात्र आवेदनों का तत्काल निराकरण कर लर्निंग लाइसेंस जारी किया गया। यह उपलब्धि विभाग की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

शिविर में परिवहन विभाग के साथ-साथ राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, श्रम, सामाजिक कल्याण सहित अन्य विभागों के स्टॉल भी लगाए गए, जहाँ ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।

अर्जुनी निवासी 21 वर्षीय मुकेश ध्रुव ने लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहली बार शासन की सुविधा सीधे गांव तक पहुंची है। उन्होंने बताया कि अपने घर के पास ही नियमानुसार शुल्क देकर तुरंत लाइसेंस मिल जाना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत है।

ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिविर की सराहना करते हुए जिला प्रशासन, परिवहन विभाग एवं सहयोगी परिवहन सुविधा केंद्रों का आभार जताया। सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह शिविर प्रशासनिक संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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