
पलारी ब्लॉक के लच्छनपुर-ठेलकी क्षेत्र में मार्च के अंतिम दिनों में ही जल संकट ने गंभीर रूप लेना शुरू कर दिया है। गर्मी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन गांवों में पानी की किल्लत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
इस मुद्दे को लेकर किसान नेता एवं पूर्व जनपद सदस्य जितेन्द्र यदु ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने गंगरेल बांध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि “जब मार्च में ही यह स्थिति है, तो आने वाले अप्रैल और मई में हालात और भयावह हो सकते हैं।”
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के कई जलस्रोत सूखने लगे हैं और जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसके चलते पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
जितेन्द्र यदु ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र में जलस्तर में सुधार हो और लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
फिलहाल, मार्च के आखिरी दिनों में ही उभरते इस संकट ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर कितनी जल्दी कार्रवाई करती है।