गांव का बेटा बना मिसाल, सफलता की ऊंचाइयों से लौटकर आया अपना गांव

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

April 7, 2026

बलौदाबाजार। जिले के पलारी विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत बलौदी गांव का माहौल बेहद खास और भावुक था। गांव के गरीब किसान का बेटा डोमन कनौजे जब सब इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार पुलिस वर्दी में अपने घर लौटा तो पूरे गांव ने उनकी उपलब्धि को किसी बड़े उत्सव की तरह मनाया। गांव में हर ओर खुशी और गर्व का माहौल था। यह सिर्फ एक बेटे की वापसी नहीं था बल्कि पूरे गांव के सपनों और उम्मीद की जीत का पल था। क्योंकि इस गांव से आज तक कोई भी सब इंस्पेक्टर नहीं बन पाया था।

**पूरे गांव में जश्न का माहौल**
सब इंस्पेक्टर बनकर पहली बार गांव आये डोमन कनौजे ने गांव पहुंचते ही पहले गांव के बैगा बाबा का पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। डोमन कन्नौजे के गांव आने की जानकारी मिलते ही गांव के प्रवेश द्वार से ही स्वागत शुरू हो गया। धोबी समाज के अलावा पूरे गांव वालों ने उनका भव्य स्वागत किया। गाजे बाजे फूल मालाओं और तालिया की गूंज के बीच उनका अभिनंदन किया गया। गांव के हर वर्ग बुजुर्गों युवाओं और बच्चों में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। ऐसा लग रहा था जैसे पूरे गांव ने इस सफलता को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि मान लिया हो। यह स्वागत केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उसकी मेहनत और संघर्ष की जीत का सम्मान था। स्वागत के दौरान सबसे ज्यादा भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला जब डोमन कनौजे की किसान पिता पीलूराम कन्नौजे और मां शकुंतला कन्नौजे ने अपने छोटे बेटे को वर्दी में देखा। उनकी आंखों में आंसू थे लेकिन यह आंसू केवल खुशी के नहीं थे बल्कि उन संघर्षों और कठिनाइयों की कहानी भी बयां कर रहे थे जिसे गुजर कर यह मुकाम हासिल किया। डोमन कन्नौजे ने कहा कि अगर हौसला मजबूत हो और लक्ष्य स्पष्ट हो तो सीमित संसाधन भी रास्ता नहीं रोक सकते। उन्होंने कहा कि मेरी सफलता में मेरे माता-पिता शिक्षकों और गांव के लोगों का बहुत बड़ा योगदान है। मैं चाहता हूं कि गांव के बच्चे भी बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें।
डोमन कनौजे के स्वागत में रजककार विकास बोर्ड के प्रथम एवं पूर्व अध्यक्ष लोकेश कन्नौजे पूर्व सरपंच प्रतिनिधि चेतन कन्नौजे केंद्रीय अध्यक्ष झड़ीराम कनौजे प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश रजक केजराम यादव ऋषि साहू रामसागर कश्यप मंथीर साहू भीमसेन कन्नौजे टीकाराम कन्नौजे गोपीचंद कन्नौजे राधा कन्नौजे गजानंद कन्नौजे योगेश कन्नौजे जानू चंद्राकर चेतन सेन डिगेश कन्नौजे सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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