कोरबा । सुशासन सप्ताह के अवसर पर जिला पंचायत कोरबा की सभापति सुष्मिता कमलेश अनंत ने पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सचिवों और सरपंचों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अधूरे कार्य किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य होगा।
सभापति सुष्मिता कमलेश अनंत ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय पर पहुँचना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि वे स्वयं पंचायतों का दौरा कर कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगी और जहां भी गड़बड़ी या लापरवाही पाई गई, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पंचायत को कार्यों के क्रियान्वयन में तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आ रही है, तो समय रहते उच्च अधिकारियों को अवगत कराना चाहिए, ताकि समस्या का समाधान शीघ्र किया जा सके। जनता के हित में कार्यों को रोकना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
सुष्मिता कमलेश अनंत का नेतृत्व ईमानदारी, साहस और निष्पक्षता का उदाहरण माना जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि सभी शासकीय कार्यक्रमों और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं, ताकि पंचायतें पारदर्शी, जवाबदेह और विकासशील बन सकें।
संक्षेप में, सभापति का संदेश साफ है—कोरबा जिले की पंचायतों में अब काम समय पर होगा, जवाबदेही तय होगी और जनता के हित सर्वोपरि रहेंगे।